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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्मकालीन उष्ण एवं शुष्क हवाओं (लू) तथा शीतकालीन वर्षा के कारणों और उनके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी भागों में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली अत्यधिक गर्म और शुष्क हवाओं को 'लू' कहा जाता है, जिनका मुख्य कारण थार मरुस्थल से आने वाली पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवाएं हैं। 2. उत्तर प्रदेश में होने वाली शीतकालीन वर्षा (जिसे 'मावठ' कहा जाता है) मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी से उठने वाले उत्तर-पूर्वी मानसून के प्रभाव से होती है, जिससे राज्य में रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) को भारी नुकसान पहुँचता है। 3. राज्य में सर्वाधिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'अरब सागर शाखा' से होती है, जबकि बंगाल की खाड़ी वाली शाखा उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते समय पूर्वी और तराई क्षेत्रों में अधिक वर्षा करती है और पश्चिम की ओर बढ़ने पर वर्षा की मात्रा घटती जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों में ग्रीष्मकाल में चलने वाली गर्म और शुष्क हवाओं को 'लू' कहते हैं, जो थार मरुस्थल के प्रभाव से उत्पन्न होती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश में शीतकालीन वर्षा ('मावठ') बंगाल की खाड़ी के मानसून से नहीं, बल्कि भूमध्य सागर से उठने वाले 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) के कारण होती है, जो रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यधिक लाभदायक होती है, न कि नुकसानदायक। कथन 3 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश में अधिकांश वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से होती है, जिसमें बंगाल की खाड़ी की शाखा पूर्व से प्रवेश कर तराई और पूर्वी जिलों में अधिक वर्षा करती है और पश्चिम की ओर बढ़ने पर नमी घटने के कारण वर्षा कम हो जाती है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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