नैतिक एवं चारित्रिक विकास
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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) की अंतिम अवस्था यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) की निम्नलिखित में से कौन-सी विशिष्ट विशेषताएँ हैं?
- 1. इस स्तर पर व्यक्ति के नैतिक निर्णय किसी बाहरी सामाजिक नियम, कानून या अधिकार पर नहीं, बल्कि स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों पर आधारित होते हैं जो न्याय, मानवाधिकारों और आपसी सम्मान के सार्वभौमिक विचारों से निर्देशित होते हैं।
- 2. व्यक्ति कानून और व्यवस्था को परम सत्य मानता है और उसका मानना है कि समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर परिस्थिति में कानूनों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए, भले ही वे अन्यायपूर्ण क्यों न हों।
- 3. इस अवस्था में व्यक्ति अपनी अंतरात्मा (Conscience) की आवाज के प्रति उत्तरदायी होता है और यदि कोई सामाजिक कानून मानवीय गरिमा या सार्वभौमिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध जाता है, तो वह ऐसे कानून का शांतिपूर्ण विरोध करने की नैतिक क्षमता रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के तीसरे और अंतिम स्तर 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत चरण 6 को 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) कहा जाता है। इस चरण की मुख्य विशेषता यह है कि व्यक्ति के नैतिक निर्णय बाहरी सामाजिक दबावों या कानूनों से स्वतंत्र होकर स्व-चयनित सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (जैसे न्याय, समानता और मानवाधिकार) पर आधारित होते हैं। कथन 1 और 3 बिल्कुल सही हैं क्योंकि इस स्तर पर व्यक्ति अपनी अंतरात्मा से बंधा होता है और अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ खड़े होने का नैतिक साहस रखता है। इसके विपरीत, कथन 2 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Level) के चौथे चरण 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) की विशेषता है, न कि सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना की। इसलिए केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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कोहलबर्ग के अनुसार, बच्चा किस अवस्था में दंड से बचने के लिए नियमों का पालन करता है?
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बच्चों में नैतिक विकास (Moral Development) के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों (Stages) की सही विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और अधिगम की प्रक्रियाओं का अध्ययन करते समय, 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' (Kohlberg's Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक नैतिकता का स्तर (Conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों में पाया जाता है, जिसमें बालक सामाजिक नियमों, न्याय और दूसरों की स्वीकृतियों (गुड बॉय/नाइस गर्ल अभिविन्यास) के अनुसार नैतिक निर्णय लेता है।
2. उत्तर-पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Post-conventional Level) में व्यक्ति सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अंतरात्मा के सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के आधार पर कार्य करता है, जो कि कानून से ऊपर हो सकते हैं।
3. कोहलबर्ग ने अपने इस सिद्धांत को प्रतिपादित करने के लिए विभिन्न आयु वर्ग के बालकों और बालिकाओं पर नैदानिक साक्षात्कारों (Clinical Interviews) का प्रयोग किया था, जिसमें उन्होंने 'हाइन्ज दुविधा' (Heinz Dilemma) जैसी नैतिक कहानियों का उपयोग करके उनके तर्कों का विश्लेषण किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून पूर्ण, अपरिवर्तनीय और समाज की रक्षा के लिए सर्वोपरि हैं, भले ही वे मानवाधिकारों के विरुद्ध हों।
2. रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Conventional Morality) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Good Girl) अभिविन्यास में बालक दूसरों की स्वीकृति प्राप्त करने और सामाजिक रूप से अनुमोदित व्यवहार करने के लिए प्रेरित होता है।
3. पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Pre-conventional Morality) के 'दंड और आज्ञापालन अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation) में नैतिक निर्णय पूरी तरह से शारीरिक परिणामों (जैसे सजा से बचना) पर आधारित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित अवस्थाओं और उनके लक्षणों पर विचार कीजिए:
1. 'उत्कृष्ट नैतिकता का स्तर' (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले अनुबंध हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बड़े हितों के विरुद्ध हो, तो उसमें परिवर्तन किया जा सकता है।
2. 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Good Girl) अभिविन्यास में बालक का मुख्य उद्देश्य दूसरों की नज़रों में aprobación (स्वीकृति) प्राप्त करना और सामाजिक रूप से 'अच्छा' दिखना होता है, ताकि वह दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके।
3. कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, सभी वयस्क और किशोर सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के उच्चतम चरण तक अवश्य पहुँच जाते हैं, क्योंकि यह जैविक परिपक्वता का एक अनिवार्य और अंतिम परिणाम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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