BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, खनिज संपदा और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में देश का सबसे बड़ा 'चूना पत्थर' (Limestone) का भंडार पाया जाता है, और यह जिला राज्य में 'नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले' और 'कोयला' (राजहरा क्षेत्र) के उत्पादन के लिए भी प्रमुख रूप से जाना जाता है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश में यूरेनियम के सीमित भंडार मुख्य रूप से ललितपुर जिले में पाए जाते हैं, जो बुंदेलखंड पठार का हिस्सा है।
  3. 3. उत्तर प्रदेश राज्य की पहली परमाणु ऊर्जा परियोजना बुलंदशहर जिले के नरोरा नामक स्थान पर स्थापित की गई थी, जो गंगा नदी के तट पर स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। 1. उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला खनिज संपदा की दृष्टि से सबसे समृद्ध जिला है; यहाँ चूना पत्थर, डोलोमाइट, कोयला (राजहरा) और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 2. उत्तर प्रदेश में यूरेनियम के एकमात्र और सीमित भंडार ललितपुर जिले में खोजे गए हैं। 3. नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Narora Atomic Power Station) बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के किनारे स्थित है, जिसकी स्थापना 1991 में की गई थी। अतः सही विकल्प (d) है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'मचान या पाड़' (Scaffolding), और 'संसक्तात्मक मध्यस्थता' (Cultural Mediation) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत 'अवलोकनारात्मक अधिगम' (Observational Learning) के चार प्रमुख घटकों—'अवधारण' (Attention), 'स्मरण' (Retention), 'पुनरुत्पादन' (Reproduction), और 'अभिप्रेरणा' (Motivation)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिल्फ़र्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि संरचना मॉडल' (Operations, Contents, and Products: कुल 150/180 घटक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Temporal Cortex) के बीच सूचना प्रसंस्करण (Information Processing), श्रेणीबद्ध वर्गीकरण (Categorization), और संक्रियात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी बौद्धिक कौशल, विश्लेषणात्मक व व्यावहारिक चिंतन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और 'गो गोलमेज सम्मेलन' (Round Table Conferences) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को प्रसिद्ध 'दांडी मार्च' (Dandi March) के साथ की गई थी, जिसमें गांधीजी ने अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की लगभग 240 मील की यात्रा पैदल तय करके 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा था। 2. प्रथम गोलमेज सम्मेलन (नवंबर 1930 - जनवरी 1931) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से भाग लिया था, क्योंकि इस सम्मेलन के आयोजन से पूर्व ही वायसराय इरविन और महात्मा गांधी के बीच 'गांधी-इरविन समझौता' हो चुका था जिसके तहत कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर दिया था। 3. लंडन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेने वाले एकमात्र भारतीय नेता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर थे, जबकि कांग्रेस ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी को अपने एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, अपवाह तंत्र और जलवायुिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का मैदानी भाग मुख्यतः गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) से निर्मित है, जिसे स्थानीय स्तर पर दो भागों - 'बांगर' (पुरानी जलोढ़ मृदा) और 'खदर' (नई जलोढ़ मृदा) में विभाजित किया जाता है। 2. उत्तर प्रदेश में दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जहाँ मृदा की प्रकृति मुख्य रूप से लाल, करेल, मार और काबर प्रकार की होती है, जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होती है तथा यहाँ सिंचाई के लिए मुख्य रूप से नलकूपों पर निर्भरता है। 3. राज्य में ग्रीष्म ऋतु के दौरान बुंदेलखंड क्षेत्र में चलने वाली गर्म और शुष्क हवाओं को 'लू' कहा जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) से होने वाली कुल वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग बंगाल की खाड़ी की शाखा से प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का वर्तमान नाम वर्ष 1950 में पूर्णतः अस्तित्व में आया, इससे पूर्व ब्रिटिश शासन काल में इस विस्तृत भू-भाग को 'संयुक्त प्रान्त आगरा एवं अवध' (United Provinces of Agra and Oudh) के नाम से जाना जाता था, जिसे संक्षिप्त करके वर्ष 1937 में केवल 'संयुक्त प्रान्त' (United Provinces) कर दिया गया था। 2. उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय विधानमंडल (Bicameral Legislature) की व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत विधान परिषद (Legislative Council) राज्य की उच्च सदन है और इसका गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के प्रावधानों के तहत किया गया है, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या 100 निर्धारित है। 3. राज्य की प्रथम विधानसभा का गठन स्वतंत्रता के तुरंत पश्चात वर्ष 1952 में किया गया था और इसके प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष (Speaker) पुरुषोत्तम दास टंडन थे, जबकि स्वतंत्रता पूर्व वर्ष 1937 में गठित संयुक्त प्रान्त की पहली विधानसभा के अध्यक्ष आदरणीय राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन ही थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.