सामाजिक विकास
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, गणित शिक्षण के मुख्य उद्देश्यों और 'गणित के समाजीकरण' (Socialization of Mathematics) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. NCF 2005 के अनुसार, गणित शिक्षण का मुख्य लक्ष्य केवल 'गणितीय ज्ञान का उपार्जन' करना और गणनात्मक कौशल (Computational Skills) विकसित करना है, न कि बच्चों की सोच का गणितीयकरण (Mathematicalization of Thought) करना।
- 2. 'गणित का समाजीकरण' यह रेखांकित करता है कि गणित को एक संकीर्ण दृष्टिकोण से ऊपर उठकर विद्यालय के पाठ्यक्रम का एक ऐसा साधन बनना चाहिए जो बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता, तार्किक विवेचन और सामाजिक समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करे।
- 3. NCF 2005 इस बात की वकालत करता है कि गणित की पाठ्यचर्या बच्चों की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी होनी चाहिए ताकि अमूर्त अवधारणाओं को उनके दैनिक जीवन के अनुभवों से जोड़कर पढ़ाया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि NCF 2005 के अनुसार, गणित शिक्षण का उच्च उद्देश्य बच्चों में केवल गणनात्मक कौशल या सूत्र रटने की क्षमता विकसित करना नहीं है, बल्कि बच्चों की सोच का 'गणितीयकरण' (Mathematicalization of Thought) करना है, जिसका अर्थ है तार्किक रूप से सोचना और समस्याओं का विश्लेषण करना। कथन 2 सही है, गणित के समाजीकरण (Socialization of Math) का तात्पर्य इसे सामाजिक विकास, न्याय, समानता और तार्किक नागरिकता के साधन के रूप में देखना है। कथन 3 भी सही है, NCF 2005 के अनुसार गणितीय शिक्षा संदर्भगत (contextual) होनी चाहिए और बच्चों के वास्तविक जीवन के अनुभवों व सांस्कृतिक परिवेश से जुड़ी होनी चाहिए। अत: केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
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