नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 months ago · Viewed 16 times
बच्चों में नैतिक विकास (Moral Development) के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के सिद्धांत की विभिन्न अवस्थाओं और स्तरों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कोहलबर्ग के 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाले चौथे चरण (चरण 4 - कानून और व्यवस्था अभिविन्यास) में व्यक्ति का नैतिक तर्क सामाजिक नियमों, कानून के पालन और समाज में व्यवस्था बनाए रखने के कर्तव्य पर आधारित होता है।
- 2. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Post-conventional Morality Level) के छठे चरण (चरण 6 - सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) में व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों से परे, अपने स्वयं के अंतःकरण (Conscience) और सार्वभौमिक न्याय, मानवाधिकारों और समानता के आंतरिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है।
- 3. कोहलबर्ग के अनुसार, नैतिक विकास के सभी स्तर और चरण एक निश्चित और सार्वभौमिक क्रम में आगे बढ़ते हैं, और कोई भी व्यक्ति किसी पूर्ववर्ती चरण को छोड़े बिना क्रमबद्ध रूप से ही आगे की अवस्थाओं में विकसित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के विचारों पर आधारित है। कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को 3 मुख्य स्तरों और प्रत्येक में 2-2 चरणों (कुल 6 चरणों) में विभाजित किया है। कथन 1 बिल्कुल सही है क्योंकि पारंपरिक स्तर के चौथे चरण में कानून और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। कथन 2 भी सही है क्योंकि उत्तर-पारंपरिक स्तर का छठा चरण सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों और अंतःकरण की आवाज से जुड़ा है जहाँ व्यक्ति मानवता को सर्वोपरि मानता है। कथन 3 सत्य है क्योंकि कोहलबर्ग का मानना था कि ये चरण अपरिवर्तनीय और सार्वभौमिक क्रम में आगे बढ़ते हैं।
अगला प्रश्न →
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली तथा बौद्ध और वैदिक कालीन शिक्षण संस्थाओं के…
← पिछला प्रश्न
प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और अधिगम की प्रक्रियाओं का…
Related Questions
→
'नैतिक विकास के सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (Stages of Moral Development) के अंतर्गत तीन मुख्य स्तरों—'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level), 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level), और 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level)—के अंतर्गत वर्णित छह अवस्थाओं के न्यूरो-कॉग्निटिव और नैतिक तार्किकता स्वरूप, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रतिपादित 'देखभाल का नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के अंतर्गत नारीवादी परिप्रेक्ष्य में 'स्वयं की देखभाल', 'दूसरों के प्रति जिम्मेदारी' और 'नैतिक तार्किकता के अंतर्संबंधों' के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके समावेशी कक्षा-कक्ष मूल्य शिक्षा में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्संबंधों तथा उनकी अवस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) में बालक के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) का पूर्ण विकास हो जाता है, जो कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Morality) को समझने के लिए अनिवार्य है।
2. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाला 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) इस बात पर केंद्रित है कि व्यक्ति सामाजिक अनुमोदन, प्रशंसा और दूसरों की नजरों में अच्छा बनने के लिए नैतिक निर्णय लेता है।
3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) अमूर्त चिंतन और तार्किक परिकल्पनाओं के निर्माण की क्षमता प्रदान करती है, जो कोहलबर्ग के सिद्धांत के सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास (Universal Ethical Principle Orientation) के विकास के लिए एक आवश्यक संज्ञानात्मक पृष्ठभूमि तैयार करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
'विकास के आयाम और उनके अंतर्संबंध' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) तथा 'पैरिटल लोब' की अमूर्त तर्कणा और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन की सक्रियण प्रक्रिया, तथा लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के उच्च-स्तरीय उपागम और विद्यार्थियों में तार्किक स्वायत्तता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बच्चों के सामाजिक और नैतिक विकास के संदर्भ में, जीन पियाजे और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांतों के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मुख्य सैद्धांतिक अंतर सही रूप से रेखांकित करता है?
→
बच्चों के नैतिक विकास (Moral Development) के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के चरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास में व्यक्ति यह मानता है कि नियम सामाजिक कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं और यदि कोई कानून मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे बदला जाना चाहिए।
2. 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) में बच्चा दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और समाज द्वारा स्वीकृत 'अच्छा' कहलाने की इच्छा से प्रेरित होकर नैतिक निर्णय लेता है।
3. कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का 'पूर्व-रूढ़िगत स्तर' (Pre-conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होता है, जहाँ बालक सामाजिक व्यवस्था के प्रति पूर्ण निष्ठा रखते हुए देश के कानूनों और नियमों का पालन करना अपना सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बच्चों में नैतिक विकास (Moral Development) के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों (Stages) की सही विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषताएँ सही हैं?
1. 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विरुद्ध हो, तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए।
2. 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) चरण में व्यक्ति किसी बाहरी अधिकार या सामाजिक दबाव के बिना अपने अंतःकरण (Conscience) के आंतरिक नैतिक सिद्धांतों और न्याय, मानवाधिकारों एवं समानता के सार्वभौमिक मूल्यों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है।
3. इस स्तर पर बच्चों की नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड (Punishment) और पुरस्कार (Reward) की संभावनाओं या सामाजिक स्वीकृति प्राप्त करने की इच्छा द्वारा निर्देशित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.