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अधिगम (सीखना) सभी देखें (1410) अधिगम: अर्थ, प्रकृति एवं प्रकार21 शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)90 क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)262 थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि191 गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम284 रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत44 अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार266 स्मृति एवं विस्मृति123 ध्यान एवं रुचि5 अभिप्रेरणा एवं प्रेरक97 अधिगम शैलियाँ एवं रणनीतियाँ27
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वैयक्तिक भिन्नता एवं समावेशी शिक्षा सभी देखें (712) वैयक्तिक भिन्नताएँ30 समावेशी शिक्षा250 विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)63 अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)315 ADHD, ऑटिज़्म एवं न्यूरो-विकासात्मक स्थितियाँ22 प्रतिभाशाली एवं सृजनशील बालक9 वंचित, पिछड़े एवं लैंगिक समानता23
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लेव वाइगोत्स्की
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,712 times
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-संस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पियाजे का मानना था कि विकास अधिगम से पहले होता है (अर्थात संज्ञानात्मक परिपक्वता नए सीखने के लिए मार्ग प्रशस्त करती है), जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार सामाजिक अधिगम विकास को आगे ले जाता है और भाषा संज्ञानात्मक विकास का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है।
  2. 2. पियाजे द्वारा वर्णित 'अहंद्क भाषा' (Egocentric Speech) वह भाषा है जिसे बालक दूसरों के साथ संवाद करने के लिए उपयोग करता है, जबकि वाइगोत्स्की द्वारा वर्णित 'निजी भाषा' (Private Speech) बालकों द्वारा खुद को विमर्शित करने और अपने व्यवहार को नियंत्रित करने का एक साधन है।
  3. 3. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में 'मचान' (Scaffolding) उस अस्थायी समर्थन को संदर्भित करता है जो अधिक सक्षम अन्य (MKO) द्वारा बालक को उसकी समीपस्थ विकास के क्षेत्र (ZPD) के भीतर सीखने में सहायता के लिए प्रदान किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि जीन पियाजे के अनुसार 'विकास' अधिगम से पहले होता है (विकासवादी दृष्टिकोण), जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार सामाजिक अधिगम प्रक्रियाएं ही संज्ञानात्मक विकास का नेतृत्व करती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि पियाजे की 'अहंद्क भाषा' (Egocentric Speech) वह है जिसमें बालक दूसरों के दृष्टिकोण को ध्यान में रखे बिना केवल अपने लिए बोलता है, न कि दूसरों के साथ संवाद करने के लिए (वाइगोत्स्की के अनुसार यह निजी भाषा का प्रारंभिक रूप है)। कथन 3 बिल्कुल सही है, वाइगोत्स्की के सिद्धांत में 'स्काफोल्डिंग' (Scaffolding) वयस्कों या MKO द्वारा दिया जाने वाला अस्थायी समर्थन है जो ZPD के भीतर सीखने को सुगम बनाता है। चूँकि कथन 2 आंशिक रूप से गलत है, इसलिए विकल्प 'a' (केवल 1 और 3) सही उत्तर होगा।
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→ बाल विकास के संदर्भ में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन या मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, ZPD वास्तविक विकास स्तर (जो स्वतंत्र रूप से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकास स्तर (जो किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी के मार्गदर्शन में प्राप्त किया जा सकता है) के बीच का अंतर है। 2. 'चान्त्वन' (Scaffolding) वह प्रक्रिया है जिसके तहत किसी वयस्क या शिक्षक द्वारा बच्चे को सीखने की प्रक्रिया के प्रारंभिक चरणों में अस्थायी और अनुकूलित सहायता प्रदान की जाती है, जिसे बच्चे की क्षमता में सुधार होने के साथ धीरे-धीरे कम (विड्रॉ) कर दिया जाता है। 3. जीन पियाजे ने अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में इन दोनों अवधारणाओं (ZPD और Scaffolding) को केंद्रीय स्थान दिया है और यह प्रतिपादित किया है कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण सामाजिक अंतःक्रिया के बिना केवल अपनी स्वतंत्र खोज के माध्यम से करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत तथा लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के बीच तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में बच्चों के ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'पियाजे के आत्मसातीकरण-समायोजन' (Assimilation-Accommodation) के संज्ञानात्मक प्रतिमान तथा 'वाइगोत्स्की के मचान' (Scaffolding) एवं 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के सामाजिक ढांचे का एक एकीकृत उपयोग करता है, तो बच्चों के अधिगम और संज्ञानात्मक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? → लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत, 'निजी वाक' (Private Speech) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है? → लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'निजी वाक्' (Private Speech) और 'सामाजिक वाक्' (Social Speech) की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के मूल परिप्रेक्ष्य को सर्वाधिक सटीक रूप से दर्शाता है? → लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, जब एक सक्षम वयस्क या अधिक ज्ञاني साथी (MKO) किसी शिक्षार्थी को उसकी वर्तमान क्षमता से आगे ले जाने के लिए शुरुआती और अस्थायी सहायता प्रदान करता है, जिसे बाद में जैसे-जैसे बच्चे की दक्षता बढ़ती है, वैसे-वैसे कम कर दिया जाता है, तो इस पूरी शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है? → लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, 'निजी वाक' (Private Speech) और 'आंतरिक वाक' (Inner Speech) के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन मनोवैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक सटीक है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के तुलनात्मक अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करके सक्रिय अन्वेषक (Little Scientist) के रूप में करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास सामाजिक और सांस्कृतिक अंतःक्रियाओं (Social Interaction) तथा भाषा के माध्यम से सहयोगात्मक रूप से होता है। 2. पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास में 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को बालक की अपरिपक्वता का प्रतीक माना है, जो धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है; इसके विपरीत वाइगोत्स्की ने इसे 'निजी वाक्' (Private Speech) के रूप में परिभाषित करते हुए यह माना कि यह बालक के स्व-नियमन (Self-Regulation) और चिंतन को दिशा देने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। 3. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक केवल स्वतंत्र रूप से बिना किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) की सहायता के प्राप्त कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) द्वारा करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार उच्च मानसिक क्रियाओं का विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के आंतरिकरण (Internalization) के माध्यम से होता है। 2. पियाजे द्वारा प्रस्तावित 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को वाइगोत्स्की ने बालक के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामाजिक बाधा माना है, और उनके अनुसार यह वयस्कों की नकल मात्र है जिसका संज्ञानात्मक विकास से कोई सीधा संबंध नहीं होता है। 3. वाइगोत्स्की के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा यह दर्शाती है कि अधिगम का वास्तविक स्तर और संभावित स्तर के बीच का अंतर केवल जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) द्वारा निर्धारित होता है, न कि किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के सहयोग से। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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