लेव वाइगोत्स्की
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,785 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत तथा लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के बीच तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में बच्चों के ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'पियाजे के आत्मसातीकरण-समायोजन' (Assimilation-Accommodation) के संज्ञानात्मक प्रतिमान तथा 'वाइगोत्स्की के मचान' (Scaffolding) एवं 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के सामाजिक ढांचे का एक एकीकृत उपयोग करता है, तो बच्चों के अधिगम और संज्ञानात्मक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की दोनों ही रचनावाद (Constructivism) के प्रमुख प्रणेता हैं, परंतु उनके दृष्टिकोण में मौलिक अंतर है। पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत व्यक्तिगत निर्माण (Individual Constructivism) पर जोर देता है जहाँ बालक अपनी अवस्थाओं और जैविक परिपक्वता के अनुसार स्कीमा का निर्माण करता है। इसके विपरीत, वाइगोत्स्की का विकिपीडिया संदर्भ सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत यह मानता है कि अधिगम सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के माध्यम से पहले सामाजिक स्तर पर और फिर व्यक्तिगत स्तर पर होता है।
अगला प्रश्न →
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत में 'सांस्कृतिक उपकरण'…
← पिछला प्रश्न
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत…
Related Questions
→
'भाषा विकास और विचार (Language Development and Thought)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'अहंवादी वाचन (Egocentric Speech)' तथा 'संज्ञानात्मक पूर्ववर्ती भाषा' (Cognitive Precursor to Language) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्युएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच भाषाई संकेतिकरण, सिंटैक्टिक प्रसंस्करण, और सिमेंटिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'आंतरिक वाचन (Inner Speech)' और भाषा-विचार के अभिसरण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, साइको-लिंग्विस्टिक कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Psycho-Linguistic Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक स्वनिर्देशन, वैचारिक लचीलेपन व समग्र संप्रेषण क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' (Cognitive Development Theory: आत्मसातकरण, समंजन और equilibration की प्रक्रिया) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), न्यूरोनल सिनैप्टिक छंटाई (Synaptic Pruning), और संज्ञानात्मक संतुलन की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कन्स्ट्रक्टिविस्ट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Constructivist Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सक्रिय ज्ञान निर्माण, तार्किक संरक्षण क्षमता व समग्र संज्ञानात्मक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा जॉन पियाजे एवं लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-रचनावादी (Social Constructivist) दृष्टिकोणों का सूक्ष्म एवं तार्किक विश्लेषण करने पर, एक आदर्श बाल-केंद्रित कक्षा-कक्ष की सबसे मौलिक और वैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी होनी चाहिए?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, जॉन डेवी (John Dewey) के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा जॉन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-रचनावादी दृष्टिकोणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्पाटन या मचान' (Scaffolding) की तात्विक एवं संज्ञानात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) किसी शिक्षार्थी को एक जटिल कार्य को हल करने के दौरान केवल शुरुआती और रणनीतिक संकेत देता है और धीरे-धीरे अपनी सहायता को कम करता जाता है जब तक कि शिक्षार्थी स्वतंत्र रूप से उस कार्य में पारंगत नहीं हो जाता, तो वाइगोत्स्की के इस ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) में भाषा और विचार (Language and Thought) के विकास के अंतर्संबंधों तथा सांस्कृतिक उपकरणों (Cultural Tools) की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की के अनुसार बच्चों में 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के उदय होने से ठीक पहले बाह्य भाषण (Social Speech) से आंतरिकता की ओर अग्रसर होने वाली वह मध्यवर्ती संक्रांति अवस्था कौन-सी होती है, जिसमें बालक उच्च स्वर में स्वयं से बातें करते हुए अपने संज्ञानात्मक कार्यों और व्यवहार को निर्देशित तथा विनियमित करता है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक या सक्षम साथी (More Knowledgeable Other - MKO) किसी शिक्षार्थी को एक जटिल समस्या के समाधान के दौरान केवल शुरुआती मार्गदर्शन देता है और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की स्वायत्तता बढ़ती जाती है, वह अपनी सहायता या निर्देश को धीरे-धीरे कम (Fading) कर देता है, तो वाइगोत्स्की के इस संज्ञानात्मक ढांचे और सांस्कृतिक-ऐतिहासिक मनोविज्ञान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान निर्माण' (Scaffolding) की तात्विक, संज्ञानात्मक और अंतःक्रियात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) किसी शिक्षार्थी को एक जटिल संज्ञानात्मक कार्य को पूरा करने के लिए केवल शुरुआती सहायता या रणनीतिक संकेत प्रदान करता है और धीरे-धीरे उस सहायता को तब वापस ले लेता है जब शिक्षार्थी उस कार्य को स्वतंत्र रूप से करने में सक्षम हो जाता है, तो वाइगोत्स्की के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.