संवेगात्मक विकास
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भौतिकी के अंतर्गत यांत्रिकी (Mechanics) के विभिन्न नियमों और सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केपलर के ग्रहों की गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, जो मुख्य रूप से कोणीय संवेग संरक्षण (Conservation of Angular Momentum) के सिद्धांत पर आधारित है।
- 2. 'बर्नोली की प्रमेय' (Bernoulli's Theorem), जो आदर्श तरल के धाराखीय प्रवाह (Streamline Flow) पर लागू होती है, के अनुसार किसी नली में तरल के बहने पर प्रति एकांक आयतन की कुल ऊर्जा (दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) नियत रहती है, तथा वेग बढ़ने पर दाब कम हो जाता है।
- 3. 'जड़त्व आघूर्ण' (Moment of Inertia) किसी वस्तु का वह गुण है जो उसके घूर्णन गति में परिवर्तन का विरोध करता है, और इसका मान केवल वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, उसके द्रव्यमान वितरण या घूर्णन अक्ष की स्थिति पर निर्भर नहीं करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) कोणीय संवेग संरक्षण के नियम का प्रत्यक्ष परिणाम है। कथन 2 सत्य है क्योंकि बर्नोली की प्रमेय ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है जिसके अनुसार धाराखीय प्रवाह में कुल ऊर्जा नियत रहती है (वेग बढ़ने पर दाब कम होता है)। कथन 3 असत्य है क्योंकि जड़त्व आघूर्ण केवल वस्तु के कुल द्रव्यमान पर ही नहीं, बल्कि घूर्णन अक्ष के सापेक्ष द्रव्यमान के वितरण (Distribution of Mass) पर भी निर्भर करता है। ऐसे और महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते समय कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, जिसके अनुसार ग्रह सूर्य को मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है।
2. यदि पृथ्वी और सूर्य के बीच की वर्तमान दूरी अचानक घटकर अपनी मूल दूरी की आधी रह जाती है, तो पृथ्वी का एक वर्ष (परिक्रमण काल) घटकर मूल वर्ष का लगभग 35.35 प्रतिशत रह जाएगा।
3. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम द्रव्यमान के केंद्र पर आधारित है, और दो बिंदु द्रव्यमानों के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उनके बीच के माध्यम की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है।
4. किसी कृत्रिम उपग्रह के अंदर स्थित अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल शून्य हो जाता है और उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर एक मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस बात का परिणाम है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, जिसके अनुसार ग्रह सूर्य को मिलाने वाली रेखा समान समयान्तरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है।
2. यदि पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी वर्तमान दूरी की आधी हो जाए, तो एक वर्ष में दिनों की संख्या घटकर वर्तमान की एक-चौथाई रह जाएगी।
3. पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु को उसके पलायन वेग (Escape Velocity) से दोगुने वेग से प्रक्षेपित किया जाता है, तो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार करने के बाद अंतरिक्ष में उस वस्तु का चाल और कुल ऊर्जा दोनों धनात्मक हो जाती हैं।
4. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) का परिक्रमण काल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन काल के बराबर होता है, और यह विषुवत वृत्त के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है तथा इसकी पृथ्वी की सतह से ऊंचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत भूमंडलीय तापन (Global Warming) और जलवायु परिवर्तन के न्यूरो-संज्ञानात्मक व पारिस्थितिक संदर्भ में, 'ग्रीनहाउस गैसों' (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जल वाष्प) की विकिरण संबंधी विवशता (Radiative Forcing) तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - जटिल पर्यावरणीय जोखिमों का मूल्यांकन और दीर्घकालिक नीति-निर्माण), 'इंसुला कॉर्टेक्स' (Insula Cortex - पारिस्थितिकीय संकट और जलवायु परिवर्तन से संबंधित अंतःसंवेदी और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं का प्रसंस्करण), तथा 'एपिग्डाला एवं पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Amygdala & ACC - पर्यावरणीय अनिश्चितता और विस्थापन के भय का संवेगात्मक नियमन) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन, कॉर्टिकल नेटवर्क्स के एकीकरण, तथा 'इको-कॉग्निटिव एडैप्टेबिलिटी' के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'अनुलग्नक या लगाव का सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सुरक्षित अनुलग्नक' (Secure Attachment)—जिसे उस गुणात्मक रूप से स्वस्थ भावनात्मक बंधन के रूप में परिभाषित किया जाता है जो शिशु और उसके प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) के बीच स्थापित होता है, जहाँ शिशु देखभालकर्ता को अपनी सुरक्षा का 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) मानता है, देखभालकर्ता की अनुपस्थिति में सहज रूप से विचलित होता है किंतु उसकी वापसी पर तुरंत शांत होकर उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), सामाजिक अन्वेषण (Social Exploration) और आत्म-विश्वास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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निम्नलिखित में से कौन विविधता के महत्व के अंतर्गत “नहीं” आता है?
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कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'जीवन स्पेस या जीवन क्षेत्र' (Life Space - $L = f(P, E)$) की अवधारणा—जिसके तहत किसी व्यक्ति का वर्तमान व्यवहार उसके व्यक्तित्व (Person) और उसके मनोवैज्ञानिक पर्यावरण (Psychological Environment) की पारस्परिक अंतःक्रिया का परिणाम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, प्रेरणा के स्रोतों और व्यवहारिक गतिशीलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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