त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय जलधाराओं के निर्माण और उनकी दिशा निर्धारित करने में पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला 'कोरिओलिस बल' (Coriolis Force) एक प्रमुख कारक है, जिसके प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में जलधाराएँ अपनी दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में अपनी बाईं ओर विक्षेपित हो जाती हैं।
- 2. अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक ठंडी जलधारा है, जो फ्लोरिडा के तट से होते हुए उत्तर की ओर बहती है और इसके विपरीत 'लैब्राडोर जलधारा' एक गर्म जलधारा है जो उच्च अक्षांशों से ठंडे जल को कम अक्षांशों की ओर लाती है।
- 3. प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' (El Nino) की घटना एक ऐसी स्थिति है जिसमें दक्षिणी पेरू के तट पर ठंडी पेरू या हम्बोल्ट जलधारा के स्थान पर एक गर्म जलधारा का अस्थायी रूप से विकास हो जाता है, जिससे वैश्विक वायुमंडलीय दाब और भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
- 4. जहाँ भी गर्म और ठंडी जलधाराएँ आपस में मिलती हैं, वहाँ प्लवक (Plankton) के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनती हैं, जो मछलियों का मुख्य आहार है, और इस प्रकार के क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े और समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों (Fishing Grounds) के रूप में जाने जाते हैं (जैसे न्यूफाउंडलैंड के पास ग्रैंड बैंक)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि कोरिओलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में धाराएँ अपनी दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर मुड़ जाती हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि 'गल्फ स्ट्रीम' एक गर्म जलधारा है, जबकि 'लैब्राडोर' एक ठंडी जलधारा है। कथन 3 और 4 दोनों सत्य हैं; अल नीनो हम्बोल्ट धारा के क्षेत्र में गर्म जल का विस्तार है और ठंडी-गर्म धाराओं के मिलन स्थल पर विश्व के बेहतरीन मत्स्यन क्षेत्र विकसित होते हैं। ऐसे उच्च स्तरीय और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए हमारे बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
हाल ही में जारी वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index - GII) और मानव विकास सूचकांक (HDI) के नवीनतम संस्करणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा प्रकाशित वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि स्विट्जरलैंड इस सूची में दूसरे स्थान पर है।
2. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा जारी मानव विकास सूचकांक में भारत की श्रेणी मध्यम मानव विकास देशों के समूह में आती है, और इसमें देश के सूचकांक मूल्य में पिछले वर्षों की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है।
3. वैश्विक नवाचार सूचकांक के मूल्यांकन में संस्थानों, मानव पूंजी और अनुसंधान, बुनियादी ढांचा, बाजार परिपक्वता और ज्ञान व प्रौद्योगिकी आउटपुट जैसे प्रमुख स्तंभ शामिल होते हैं।
4. मानव विकास सूचकांक का निर्धारण करने के लिए मुख्य रूप से तीन आयामों — लंबा एवं स्वस्थ जीवन, ज्ञान तक पहुंच और एक बेहतर जीवन स्तर — का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार के जनजातीय आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1855-56 के 'संथाल हूल' (विद्रोह) के दौरान संथाल विद्रोहियों ने ब्रिटिश शासन, साहूकारों (दीकू) और जमींदारों के शोषण के विरुद्ध पारंपरिक हथियारों के साथ सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया था, जिसके परिणामस्वरूप बाद में 'संथाल परगना टेनेंसी एक्ट' (SPTA) पारित किया गया था।
2. बिरसा मुंडा के नेतृत्व में वर्ष 1899-1900 में हुए 'उलगुलान' (महान हलचल) का मुख्य उद्देश्य 'मुंडा राज' की स्थापना करना था, जिसमें अंधविश्वासों, पशुबलि और शराबखोरी का कड़ा विरोध करते हुए एक नैतिक समाज के निर्माण पर बल दिया गया था।
3. जतरा भगत के नेतृत्व में वर्ष 1914 में प्रारंभ हुआ 'ताना भगत आंदोलन' उरांव जनजाति का एक अहिंसक और सुधारवादी आंदोलन था, जिन्होंने अंग्रेजों को भू-राजस्व देने से इंकार कर दिया था और बाद में असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े थे।
4. पहाड़िया विद्रोह, जो राजमहल की पहाड़ियों के क्षेत्र में महतो और पहाड़िया सरदारों द्वारा ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों के खिलाफ किया गया था, एक पूर्णतः स्थायी और सफल सुधारवादी आंदोलन साबित हुआ था जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को अपनी नीतियां हमेशा के लिए समाप्त करने पर मजबूर कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हजारीबाग में 30 जुलाई 1857 को रामगढ़ बटालियन के सैनिकों द्वारा विद्रोह किया गया था, जिसका नेतृत्व सूबेदार माधव सिंह ने किया था और उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का संचालन किया था।
2. पटना में 23 जुलाई 1857 को पीर अली खाँ नामक एक पुस्तक विक्रेता के नेतृत्व में हुए विद्रोह को ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर द्वारा क्रूरतापूर्वक दबा दिया गया था, और पीर अली को सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दी गई थी।
3. बाबू कुंवर सिंह ने आरा पर कब्जा करने के बाद ब्रिटिश सेना के विरुद्ध दानापुर के विद्रोही सैनिकों के साथ मिलकर जुलाई 1857 में ही 'आरा की लड़ाई' (Battle of Arrah) लड़ी थी, जिसमें मेजर विन्सेंट आयर के नेतृत्व में आई ब्रिटिश सेना को कुंवर सिंह की सेना ने पूरी तरह पराजित कर दिया था और वे कभी आरा पर पुनः अधिकार नहीं कर पाए थे।
4. सिंहभूम (वर्तमान झारखंड, तब के बिहार का हिस्सा) क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व अर्जुन सिंह ने किया था, जिन्होंने पोरहाट के राजा के रूप में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध आदिवासियों को संगठित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, महाजनपदों तथा प्रारंभिक मौर्य काल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगारा और समुद्रगुप्त के 'प्रयाग प्रशस्ति' अभिलेख में सीमावर्ती राज्यों और आटविक राज्यों (वन राज्यों) की नीतियों का उल्लेख मिलता है, जिसे हरिषेण द्वारा संस्कृत की चंपू शैली में उत्कीर्ण कराया गया था।
2. छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों में से 'अश्मक' एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी के तट पर दक्षिण भारत में स्थित था, जिसकी राजधानी पोटली या पोतन थी।
3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार मौर्य प्रशासन में नगर का प्रशासन छह समितियों द्वारा संचालित होता था, और प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे जो व्यापार, उद्योग, विदेशी नागरिकों की देखरेख और कर संग्रह जैसे कार्य संभालते थे।
4. जैन ग्रंथों के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा ली थी और कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में संलेखना पद्धति द्वारा अपने प्राण त्यागे थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
कोशिका चक्र (Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतरावस्था (Interphase) के 'S' (संश्लेषण) चरण के दौरान डीएनए का प्रतिकृतिरण (Replication) होता है, जिसके परिणामस्वरूप यदि G1 चरण में डीएनए की मात्रा 2C थी, तो S चरण के अंत में यह बढ़कर 4C हो जाती है, किंतु गुणसूत्रों की संख्या (ploidy) में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था में गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा (Equator) पर व्यवस्थित हो जाते हैं, और इस अवस्था में गुणसूत्रों की आकृति का सबसे अच्छा अध्ययन किया जा सकता है।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) के दौरान होने वाली 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing Over) की प्रक्रिया 'पैकाइटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में संपन्न होती है, जिसमें गैर-सह-प्रसुप्त (Non-sister) क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक पदार्थों का विनिमय होता है, और यह एंजाइम 'रिकॉम्बिनेस' (Recombinase) द्वारा उत्प्रेरित होती है।
4. पादप कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) 'कोशिका प्लेट' (Cell plate) पद्धति द्वारा होता है, जिसमें गोलगी बॉडी द्वारा स्रावित vesicles केंद्र से परिधि की ओर संलयित होते हैं, जो जंतु कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'खांच निर्माण' (Cleavage furrow) विधि से पूरी तरह भिन्न है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.