बिहार सरकार द्वारा राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए चलाई जा रही प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्यीय योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण 4% साधारण ब्याज पर उपलब्ध कराया जाता है, जबकि महिलाओं, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडरों के लिए यह ब्याज दर मात्र 1% है।
- 2. 'सात निश्चय पार्ट-2' (2020-2025) के अंतर्गत 'युवक शक्ति - बिहार की प्रगति' को प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक जिले में मेगा स्किल सेंटर और हर प्रमंडल में टूल रूम की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
- 3. 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' के तहत नया उद्यम स्थापित करने के लिए कुल ₹10 लाख की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें ₹5 लाख की अनुदान राशि (Subsidy) और ₹5 लाख ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
- 4. जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत पारंपरिक जल स्रोतों (जैसे आहर, पाइन, तालाब और कुएं) के जीर्णोद्धार के लिए केंद्र सरकार की पूर्ण वित्तीय सहायता से राज्य में 'हर घर नल का जल' योजना का संचालन किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक का ऋण मिलता है, जिसमें सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 4% और महिलाओं/दिव्यांगों के लिए 1% साधारण ब्याज है। 'सात निश्चय पार्ट-2' के तहत 'युवक शक्ति - बिहार की प्रगति' के अंतर्गत मेगा स्किल सेंटर और टूल रूम बनाए जा रहे हैं। 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' के तहत ₹10 लाख की कुल राशि में ₹5 लाख अनुदान और ₹5 लाख ब्याज-मुक्त ऋण (0% ब्याज) के रूप में दिए जाते हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि 'जल-जीवन-हरियाली' और 'हर घर नल का जल' योजनाएं मुख्य रूप से राज्य सरकार के आंतरिक संसाधनों और विशेष बजट आवंटन के तहत संचालित की जाती हैं, न कि पूरी तरह केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता से। ऐसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी और अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।