समायोजन एवं रक्षा-युक्तियाँ
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अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक और नैनो-प्रौद्योगिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत के प्रक्षेपण वाहनों में उपयोग होने वाले क्रायोजेनिक इंजन (Cryogenic Engine) में तरल हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में तथा तरल ऑक्सीजन को ऑक्सीकारक के रूप में अत्यधिक निम्न तापमान पर प्रयोग किया जाता है, जो केवल उच्च थ्रस्ट प्रदान करने वाले उप-कक्षाीय (Sub-orbital) मिशनों के लिए ही अनिवार्य है।
- 2. 'स्टार्टअप ब्लूप्रिंट' के तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित 'स्माल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल' (SSLV) को कम लागत में 500 किलोग्राम तक के उपग्रहों को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित करने के लिए अभिकल्पित किया गया है, तथा इसमें तीव्र टर्नअराउंड समय की खूबी है।
- 3. नैनो-प्रौद्योगिकी के अंतर्गत कार्बन नैनोट्यूब (Carbon Nanotubes) अपनी उच्च तन्य शक्ति, विद्युत और उष्मीय चालकता के कारण अंतरिक्ष लिफ्ट (Space Elevator) के निर्माण तथा उन्नत कंपोजिट सामग्रियों में अत्यधिक उपयोगी माने जाते हैं।
- 4. ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) के विपरीत, भारत की स्वदेशी नौवहन प्रणाली 'नाविक' (NavIC) में भू-स्थिर (GEO) और भू-तुल्यकालिक (GSO) कक्षाओं में स्थापित उपग्रहों का संयोजन उपयोग किया जाता है, जो भारतीय मुख्य भूमि और उसके आसपास 1,500 किलोमीटर के दायरे में सटीक स्थिति निर्धारण सेवा प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि क्रायोजेनिक इंजन का उपयोग मुख्य रूप से उच्च थ्रस्ट प्रदान करने के लिए भू-स्थिर स्थानांतरण कक्षा (GTO) और अंतर-ग्रहीय मिशनों जैसे उच्च-ऊर्जा प्रक्षेपणों में किया जाता है, न कि केवल उप-कक्षाीय मिशनों के लिए। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। SSLV छोटे उपग्रहों के लिए त्वरित प्रक्षेपण समाधान है, कार्बन नैनोट्यूब अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में क्रांतिकारी हैं, और 'नाविक' (IRNSS) GEO/GSO उपग्रहों का उपयोग करता है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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आधुनिक भारत के इतिहास में 'संन्यासी विद्रोह' (Sannyasi Rebellion) और अन्य…
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ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरलों तथा वायसराय के कार्यकाल में घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं और नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड विलियम बेंटिंक - वर्ष 1829 का सती प्रथा निषेध कानून (नियम XVII) तथा ठगी प्रथा का पूर्ण दमन (कर्नल स्लीमैन की सहायता से)।
2. लॉर्ड डलहौजी - वर्ष 1856 का 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' तथा अवध का कुशासन के आधार पर ब्रिटिश साम्राज्य में विलय।
3. लॉर्ड लिटन - वर्ष 1878 का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (Vernacular Press Act) तथा आर्म्स एक्ट (Arms Act) का पारित होना, जिसे 'गैंगिंग एक्ट' भी कहा गया।
4. लॉर्ड कर्जन - वर्ष 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम (Indian Universities Act) तथा प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम का पारित होना।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म पूर्णतः सही सुमेलित है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत बल, गति, और ऊर्जा के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर एकसमान चाल से गति करती है, तो उस पर कार्य करने वाला अभिकेंद्र बल (Centripetal Force) वस्तु द्वारा तय किए गए वृत्त के केंद्र की ओर निर्देशित होता है, किंतु यह बल वस्तु द्वारा किया गया कार्य शून्य (Zero Work) होता है क्योंकि विस्थापन की दिशा हमेशा अभिकेंद्र बल के लंबवत होती है।
2. प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) के मामले में न केवल रैखिक संवेग (Linear Momentum) संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) भी पूर्ण रूप से संरक्षित रहती है, और इसमें प्रयुक्त प्रत्यास्थता गुणांक (Coefficient of Restitution, e) का मान ठीक शून्य होता है।
3. किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) केवल उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है, तथा घूर्णन अक्ष (Axis of Rotation) की स्थिति बदलने पर भी वस्तु के जड़त्व आघूर्ण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
4. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) करने वाले किसी कण की कुल ऊर्जा उसके विस्थापन के साथ लगातार बदलती रहती है, तथा जब कण अपने माध्य स्थिति (Mean Position) पर होता है, तब उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम और गतिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व संरचना के तीन घटकों—**इदम (Id), अहम् (Ego), और पराहम् (Superego)**—के बीच गत्यात्मक संतुलन तथा विशेष रूप से 'अहम्' (Ego) द्वारा अवांछित या अस्वीकार्य आवेगों, दुश्चिंताओं (Anxiety) और आंतरिक संघर्षों से मानसिक रक्षा हेतु उपयोग किए जाने वाले **'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms)** (जैसे दमन, प्रक्षेपण, युक्तिकरण आदि) की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, मानसिक स्वास्थ्य और रक्षात्मक व्यवहार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'असुरक्षित-प्रतिरोधी संलग्नता' (Insecure-Resistant Attachment / Ambivalent Attachment)** की अवधारणा—जिसके तहत शिशु अपनी देखभाल करने वाले (Primary Caregiver) के प्रति अत्यधिक चिपके रहने वाला व्यवहार प्रदर्शित करते हैं, परंतु जब वह वापस लौटता है तो वे गुस्से, विरोध और सांत्वना पाने के बावजूद उसे अस्वीकार करने जैसे द्वंद्वपूर्ण (Ambivalent) और विरोधाभासी संवेगात्मक प्रतिक्रियाएं देते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन, विश्वास के संकट और कक्षा में सामाजिक-भावनात्मक समायोजन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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आधुनिक भारत के इतिहास में 'संन्यासी विद्रोह' (Sannyasi Rebellion) और अन्य समकालीन आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संन्यासी विद्रोह मुख्य रूप से बंगाल के पूर्णिया, तिरहुत और रंगपुर क्षेत्रों में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी राजस्व नीतियों, तीर्थयात्रा कर लगाने तथा 1770 के भयंकर अकाल के दौरान राहत कार्यों की उपेक्षा के विरुद्ध भड़का था।
2. इस विद्रोह में हिंदू संन्यासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विस्थापित किसानों, कारीगरों और 'फकीर' कहे जाने वाले मुस्लिम धार्मिक सुधारकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया था, जिनका नेतृत्व मजनू शाह और देवी चौधुरानी जैसे प्रसिद्ध व्यक्तित्वों ने किया था।
3. ब्रिटिश गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने इस विद्रोह का पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से दमन किया और किसी भी सैन्य बल का प्रयोग किए बिना केवल सामाजिक सुधारों के माध्यम से संन्यासियों को मुख्यधारा में शामिल कर लिया था।
4. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यास 'आनंदमठ' इसी संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें देशभक्ति का अमर गीत 'वंदे मातरम्' पहली बार सामने आया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'व्यक्तित्व की संरचना' (Structure of Personality) में 'अहं रक्षा तंत्र' (Ego Defense Mechanisms) के एक विशिष्ट प्रकार के रूप में वर्णित 'तर्कसंगतीकरण' (Rationalization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी असफलताओं, अस्वीकार्य व्यवहारों या अनैतिक इच्छाओं को समाज-स्वीकार्य और तार्किक कारणों से ढंकने का प्रयास करता है ताकि वह अपनी आत्म-छवि (Self-Image) और आत्म-सम्मान को मानसिक आघात से बचा सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के रक्षात्मक व्यवहार, मानसिक समायोजन, और तनाव प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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