मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और उससे स्रावित होने वाले हार्मोन्स तथा उनके कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के अग्र भाग (Adenohypophysis) से स्रावित होने वाला 'सोमाटोट्रोपिन' (Growth Hormone - GH) शरीर की सामान्य वृद्धि, विशेष रूप से हड्डियों और मांसपेशियों के विकास को नियंत्रित करता है, तथा इसकी अत्यधिक मात्रा से बच्चों में 'जायंटिज्म' (Gigantism) नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
- 2. थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) द्वारा स्रावित 'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन शरीर की आधारीय चयापचय दर (Basal Metabolic Rate - BMR) को नियमित करता है, और इस हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आयोडीन की उपस्थिति अनिवार्य होती है, जिसकी कमी से गॉयटर (घेंघा) रोग हो जाता है।
- 3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) के मेडुला भाग से निकलने वाला 'एड्रेनालाईन' (Adrenaline) हॉर्मोन संकटकालीन परिस्थितियों (जैसे भय, क्रोध या तनाव) में शरीर की रक्षा के लिए हृदय गति, रक्तचाप और श्वसन दर को अचानक बढ़ा देता है, इसीलिए इसे 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) हॉर्मोन कहा जाता है।
- 4. अग्नाशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की अल्फा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' हॉर्मोन का स्राव करती हैं, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है, जबकि बीटा कोशिकाएँ 'ग्लूकागन' का स्राव करती हैं जो ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में बदलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
इस प्रश्न के अंतर्गत मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र के विभिन्न हार्मोन्स और उनके कार्यों का विश्लेषण किया गया है। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। पीयूष ग्रंथि का ग्रोथ हार्मोन वृद्धि को नियंत्रित करता है, थायरोक्सिन चयापचय और आयोडीन से जुड़ा है, तथा एड्रेनालाईन संकटकालीन हार्मोन है। हालांकि, कथन 4 असत्य है क्योंकि अग्नाशय की 'लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं' की अल्फा कोशिकाएँ (Alpha cells) 'ग्लूकागन' का स्राव करती हैं, जबकि बीटा कोशिकाएँ (Beta cells) 'इंसुलिन' का स्राव करती हैं (यहाँ कथन में इनके कार्यों और कोशिकाओं के नाम को आपस में विपरीत कर दिया गया है)। ऐसी ही उच्च-स्तरीय और परीक्षा-उपयोगी सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।