त्वरित लिंक्स
General Science
26 views
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहीकरण (Blood Groups) के विशेष संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बॉम्बे रक्त समूह (Bombay Blood Group) सबसे पहले 1952 में मुंबई में खोजा गया था, और इस फेनोटाइप वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) पर 'H' एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, क्योंकि उनके पास 'H' जीन का कार्यात्मक रूप (Fut1) नहीं होता है।
- 2. 'AB' रक्त समूह को सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता (Universal Recipient) इसलिए माना जाता है क्योंकि इनकी प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी अनुपस्थित होते हैं, जिससे किसी भी अन्य रक्त समूह (A, B, AB, O) का रक्त चढ़ाने पर लाल रक्त कोशिकाओं का संपिंडन (Agglutination) नहीं होता है।
- 3. रुधिर स्कंदन (Blood Coagulation) की आंतरिक मार्ग (Intrinsic Pathway) की शुरुआत क्षतिग्रस्त ऊतकों द्वारा 'थ्रॉम्बोप्लास्टिन' (ऊतक कारक या फैक्टर III) के मुक्त होने से होती है, जो त्वरित रूप से कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में फैक्टर VII को सक्रिय करता है।
- 4. हीमोग्लोबिन के एक अणु में चार पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं (दो अल्फा और दो बीटा) होती हैं, और प्रत्येक श्रृंखला के हीम समूह के केंद्र में स्थित फेरस आयन ($Fe^{2+}$) ऑक्सीजन के एक अणु के साथ reversibly (उत्क्रमणीय रूप से) बंध बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: बॉम्बे रक्त समूह (hh फेनोटाइप) अत्यधिक दुर्लभ है जिसमें 'H' एंटीजन नहीं होता है। कथन 2 सही है: 'AB' रक्त समूह वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी नहीं होते, इसलिए वे सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'थ्रॉम्बोप्लास्टिन' या ऊतक कारक (Tissue Factor) का मुक्त होना 'बाह्य मार्ग' (Extrinsic Pathway) की शुरुआत करता है, न कि आंतरिक मार्ग की, जबकि आंतरिक मार्ग की शुरुआत संपर्क सक्रियण (Factor XII) द्वारा होती है। कथन 4 सही है: हीमोग्लोबिन के प्रत्येक अणु में 4 हीम समूह होते हैं जो ऑक्सीजन के 4 अणुओं (या 8 ऑक्सीजन परमाणुओं) का परिवहन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
पदार्थ के सामान्य गुणों (पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज का सिद्धांत) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) उस बल के रूप में परिभाषित होता है जो द्रव के पृष्ठ पर खींची गई काल्पनिक रेखा की एकांक लंबाई पर लंबवत कार्य करता है, और तापमान बढ़ने के साथ अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है क्योंकि तापमान बढ़ने से अणुओं की उष्मीय ऊर्जा बढ़ती है और उनके बीच का संसंजक बल (Cohesive force) कमजोर हो जाता है।
2. 'श्यानता' (Viscosity) द्रवों का वह आंतरिक गुण है जिसके कारण द्रव की विभिन्न परतें अपनी आपेक्षिक गति का विरोध करती हैं, और गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ जाती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और इस बल का केंद्र हटाए गए तरल के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Centre of buoyancy) कहा जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
मानव शरीर को प्रभावित करने वाले संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों, संचरण तंत्र तथा नैदानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'खसरा' (Measles) एक अत्यधिक संक्रामक विषाणु जनित रोग है जो पैरामिक्सोवायरस परिवार के आरएनए वायरस के कारण होता है, और इसके विशिष्ट लक्षणों में कॉपليك धब्बे (Koplik spots) का प्रकट होना शामिल है।
2. 'सिफलिस' (Syphilis) एक यौन संचारित जीवाणु जनित संक्रमण है जिसका कारक स्पाइरोचेट जीवाणु 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) है, जो प्राथमिक चरण में दर्द रहित व्रण (Chancre) उत्पन्न करता है।
3. 'जापानी Encephalitis' (मस्तिष्कशोथ) एक विषाणु जनित रोग है जिसका संचरण मुख्य रूप से 'क्यूलेक्स' (Culex) प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छरों द्वारा होता है, और यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
4. 'फाइलेरियासिस' (हाथीपाव) कृमि जनित रोग है जो वुचेरेरिया ब्रैंक्रॉफ्टी (Wuchereria bancrofti) नामक गोलकृमि के कारण होता है, और इसके वयस्क परजीवी मुख्य रूप से रक्त वाहिकाओं में वास करते हैं, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हार्मोनल नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोसटेटिन' (Somatostatin) हार्मोन अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior pituitary gland) से वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) के स्राव को रोकता है।
2. एड्रेनल ग्रंथि का मेडुला भाग 'एपिनफ्राइन' और 'नॉरएपिनफ्राइन' हार्मोन का स्राव करता है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'फाइट-ऑर-फ्लाईट' (Fight-or-Flight) प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित कैल्सीटोनिन (Calcitonin) हार्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाता है, जबकि पैराथायराइड हार्मोन (PTH) रक्त में कैल्शियम के स्तर को घटाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं।
2. प्रकाश संश्लेषण के दौरान चक्रीय फोटोफास्फोरिलेशन (Cyclic photophosphorylation) केवल फोटोसिस्टम-I (PS-I) से संबंधित है, जिसमें जल के प्रकाश अपघटन (Photolysis) की आवश्यकता नहीं होती है और इसमें NADPH का निर्माण न होकर केवल ATP का संश्लेषण होता है।
3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक तनाव हॉर्मोन (Stress hormone) है जो पौधों में जल की कमी के समय रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि 'जिबरेलिन' तने की लंबाई बढ़ाने और आनुवंशिक बौनेपन को दूर करने में सहायता करता है।
4. पादप हॉर्मोन 'साइटोकाइनिन' मुख्य रूप से कोशिकाओं के दीर्घीकरण (Cell elongation) और apical dominance (शिखाग्र प्रमुखता) को बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होता है, तथा ऑक्सिन के साथ इसके अनुपात पर पादप अंगों का विभेदन निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
→
न्यूट्रॉन खोज?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.