त्वरित लिंक्स
General Science
32 views
आइसोटोप में क्या समान होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इनमें प्रोटॉन संख्या समान होती है।
Related Questions
→
विद्युत आवेश?
→
आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लैमार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) है, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित किए गए शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी को स्थानांतरित हो जाते हैं, जिसका खंडन वेइज़मैन (Weismann) ने अपने 'जर्मप्लाज्म सिद्धांत' (Germplasm Theory) द्वारा किया था।
2. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) एक यादृच्छिक प्रक्रम है जो बड़े जनसमुदायों (Large Populations) में अपनी तीव्र प्रभावशीलता के कारण एलील आवृत्तियों में तेजी से परिवर्तन करता है, जबकि छोटे जनसमुदायों में इसका कोई सांख्यिकी महत्व नहीं होता है।
3. 'अनुकूली विकिरण' (Adaptive Radiation) का एक उत्कृष्ट उदाहरण डार्विन फिंच (Darwin's Finches) हैं, जिनका विकास गैलापागोस द्वीप समूह पर एक ही मूल प्रजाति से विभिन्न प्रकार की चोंच वाली जातियों के रूप में हुआ है।
4. समजात अंग (Homologous Organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और उत्पत्ति समान होती है किंतु उनके कार्य भिन्न हो सकते हैं, और यह 'अपसारी विकास' (Divergent Evolution) का परिणाम होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
धातुकर्म (Metallurgy) और मिश्रधातुओं (Alloys) के रासायनिक संघटन तथा गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) के प्रगलनी (Smelting) के दौरान प्राप्त 'मैट' (Matte) मुख्य रूप से क्यूप्रस सल्फाइड ($Cu_2S$) और फेरस सल्फाइड ($FeS$) का मिश्रण होता है, जिसे प्रवर्धनी भट्टी (Bessemer converter) में सिलिका के साथ गर्म करके फेरस सल्फाइड को फेरस सिलिकेट के रूप में धातुमल (Slag) के रूप में पृथक कर लिया जाता है।
2. 'जर्मन सिल्वर' (German Silver) एक प्रसिद्ध मिश्रधातु है जिसमें नाममात्र के लिए भी सिल्वर (Ag) का अंश नहीं पाया जाता है, बल्कि इसका मुख्य संघटन तांबा (Cu), जस्ता (Zn) और निकल (Ni) होता है।
3. जिंक ब्लेंड ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन प्रक्रम' (Froth Flotation Process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें चीड़ का तेल (Pine oil) संग्राहक (Collector) के रूप में और सोडियम साइनाइड ($NaCN$) अवसादक (Depressant) के रूप में कार्य करता है जो ZnS को फेन में आने से रोकता है जबकि FeS को तैरने देता है।
4. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हెరॉल्ट प्रक्रम में शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) में घोला जाता है, जो एलुमिना के गलनांक को कम करने के साथ-साथ उसकी विद्युत चालकता को भी सुगम बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
→
रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के सैद्धांतिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा वे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है (जैसे $BF_3$), इस श्रेणी में आते हैं।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यधिक दुर्बल होता है, तथा एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जल-अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति अम्लीय होती है और उसका pH मान 7 से कम होता है।
4. शुद्ध जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) प्रक्रिया है, जिसके कारण तापमान बढ़ाने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) घट जाता है और शुद्ध जल का pH मान 7 से अधिक हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
आवर्त सारणी के तत्वों के गुणों और उनकी आवर्तीय प्रवृत्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में निरंतर कमी आती है, किंतु अक्रिय गैसों (Noble Gases) की वान डेर वाल्स त्रिज्या (van der Waals radius) उनके ठीक पहले के हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में अचानक बड़ी हो जाती है।
2. ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान नाइट्रोजन की तुलना में कम होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के $2p^3$ कक्षक का अर्ध-पूरित (Half-filled) होना और इसके द्वारा प्राप्त अतिरिक्त स्थायित्व है।
3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन (F) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन (Cl) से अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि फ्लोरीन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है।
4. तत्वों के धात्विक गुण (Metallic character) किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर बढ़ते हैं, जबकि अधात्विक गुण घटते हैं, क्योंकि आयनन एन्थैल्पी घटने के कारण बाहरी इलेक्ट्रॉनों का त्याग करना सुगम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.