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General Science
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पवन?

Detailed Explanation

नवीकरणीय।
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, 'हार्डी-वेनबर्ग संतुलन' (Hardy-Weinberg Equilibrium) के नियम और उसे प्रभावित करने वाले कारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाली आबादी में एलील (Allele) और जीनोटाइप की आवृत्तियां पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर कोई विकासात्मक बल (जैसे उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन या आनुवंशिक बहाव) कार्य न कर रहा हो। 2. 'आनुवंशिक बहाव' (Genetic Drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादी में होने वाली एक नियतिवादी प्रक्रिया है, जो जीन पूल में आवृत्तियों को तेजी से और दिशात्मक रूप से परिवर्तित करती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? डॉपलर प्रभाव (Doppler Effect) और ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब एक ध्वनि स्रोत और एक श्रोता के बीच अपेक्षित गति होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति में परिवर्तन का आभास होता है, जिसे डॉपलर प्रभाव कहा जाता है। यदि स्रोत और श्रोता एक-दूसरे के पास आते हैं, तो वास्तविक आवृत्ति से अधिक आवृत्ति सुनाई देती है। 2. ध्वनि तरंगों में डॉपलर प्रभाव केवल प्रकाश तरंगों की तरह सममित (Symmetric) होता है, जिसका अर्थ है कि चाहे स्रोत स्थिर हो और श्रोता गतिमान हो, अथवा श्रोता स्थिर हो और स्रोत समान वेग से गतिमान हो, दोनों ही स्थितियों में श्रोता द्वारा अनुभव की जाने वाली आभासी आवृत्ति का मान सर्वथा समान होता है। 3. पराध्वनिक (Supersonic) चाल से चलने वाले जेट विमान जब आकाश में गति करते हैं, तो वे एक तीव्र प्रघाती तरंग (Shock wave) उत्पन्न करते हैं, जिससे अत्यंत तेज और विनाशकारी ध्वनि उत्पन्न होती है जिसे 'सोनीक बूम' (Sonic boom) कहा जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? पृथ्वी के चुम्बकत्व और चुंबकीय तत्वों (Magnetic Elements) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी स्थान पर पृथ्वी के कुल चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का क्षैतिज घटक ($B_H$) और उसका ऊर्ध्वाधर घटक ($B_V$) परस्पर लंबवत होते हैं, तथा यदि नमन कोण (Angle of Dip) $\theta$ हो, तो $B_H = B \cos\theta$ और $B_V = B \sin\theta$ द्वारा व्यक्त किया जाता है। 2. चुंबकीय विषुवत रेखा (Magnetic Equator) पर नमन कोण का मान $90^\circ$ होता है, जिसके कारण वहाँ पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक शून्य हो जाता है और केवल ऊर्ध्वाधर घटक ही शेष रहता है। 3. चुंबकीय उत्तर ध्रुव और भौगोलिक उत्तर ध्रुव एक ही बिंदु पर संपाती (Coincident) होते हैं, इसलिए एक कंपास सुई हमेशा भौगोलिक उत्तर-दक्षिण दिशा को सटीक रूप से दर्शाती है बिना किसी चुंबकीय विचलन (Declination) के। 4. पृथ्वी का क्रोड (Core) पिघली हुई अवस्था में लोहे और निकेल जैसे चुंबकीय पदार्थों के संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण 'डाइनमो प्रभाव' उत्पन्न करता है, जो पृथ्वी के मुख्य चुंबकीय क्षेत्र के लिए उत्तरदायी है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? यांत्रिकी में कार्य, ऊर्जा और संवेग के अंतर्संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी वस्तु पर नियत बल द्वारा किया गया कार्य उस बल और बल की दिशा में वस्तु के विस्थापन के अदिश गुणनफल के बराबर होता है, और यह कार्य धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है, जो बल और विस्थापन के बीच के कोण पर निर्भर करता है। 2. गतिज ऊर्जा और रेखीय संवेग के बीच संबंध के अनुसार, यदि किसी वस्तु का रेखीय संवेग दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाती है, बशर्ते वस्तु का द्रव्यमान नियत रहे। 3. संरक्षी बलों (Conservative forces) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर करता है, और एक बंद पथ के अनुदिश संरक्षी बल द्वारा किया गया कुल कार्य हमेशा ऋणात्मक होता है। 4. कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के ठीक बराबर होता है, चाहे वे बल संरक्षी हों या असंरक्षी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? चुम्बकत्व और विद्युत चुंबकीय प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति ($X$) का मान ताप पर निर्भर करता है; क्यूरी-वाइस नियम के अनुसार, अनुचुम्बकीय (Paramagnetic) पदार्थों की चुम्बकीय प्रवृत्ति निरपेक्ष ताप के व्युत्क्रमानुपाती होती है, बशर्ते तापमान क्यूरी ताप से अधिक हो। 2. प्रतिचुम्बकीय (Diamagnetic) पदार्थों में चुम्बकीय प्रवृत्ति का मान ऋणात्मक और ताप पर लगभग स्वतंत्र होता है, और जब इन्हें बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो ये क्षेत्र के विपरीत दिशा में दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं। 3. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिमाण उस कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के व्युत्क्रमानुपाती होता है। 4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग चुम्बकीय ब्रेकिंग (Magnetic braking) तथा प्रेरण भट्टी (Induction furnace) जैसी तकनीकों में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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