BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
35 views

ध्वनि किस प्रकार की तरंग है?

Detailed Explanation

ध्वनि अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंग है।
Share:

Related Questions

→ यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों (Organelles) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माइटोकॉन्ड्रिया के आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सिसोम' (F0-F1 कण) ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के दौरान एटीपी (ATP) के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, और माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र से जुड़े एंजाइम प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते हैं। 2. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का 'सिस्टर्नी' (Cisternae) नेटवर्क ध्रुवीय रूप से व्यवस्थित होता है, जिसमें 'सिस' (Cis) सिरा निर्माणकारी (Forming) या अभिमुखी सिरा होता है जो अंतःद्रव्य जालिका (ER) की ओर होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) सिरा परिपक्व (Maturing) सिरा होता है। 3. लाइसोसोम में उपस्थित 'हाइड्रोलिटिक एंजाइम' (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज, कार्बोहाइड्रेज) अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, और इस अनुकूलित pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोम झिल्ली पर सक्रिय प्रोटॉन पंप ($H^+$ ATPase) कार्य करते हैं। 4. परऑक्सिसोम (Peroxisomes) एकहरे झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं जो पादपों और जंतुओं दोनों में पाए जाते हैं, और इनमें उपस्थित 'कैटालेज' एंजाइम हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($H_2O_2$) को जल और ऑक्सीजन में विघटित करके कोशिकाओं को विषैले प्रभावों से बचाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → लेंस? → ध्वनि का वेग? → प्रकाशिकी (Optics) और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है। 2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $R = 2f$ केवल वायु या निर्वात में ही मान्य होता है, और यदि दर्पण को पानी में डुबो दिया जाए तो उसके परावर्तन के नियमों के कारण उसकी वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी दोनों बदल जाती हैं। 3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है, और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → परमाणु संरचना और पदार्थ की अवस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं विशिष्ट वृत्ताकार कक्षाओं में चक्कर लगा सकते हैं जिनमें उनका कोणीय संवेग (Angular momentum) $\frac{h}{2\pi}$ का पूर्ण गुणज (Integral multiple) होता है। 2. 'बोस-आइंस्टीन संघनन' (Bose-Einstein Condensate) पदार्थ की एक ऐसी अवस्था है जिसे अत्यंत कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य (Absolute zero) के अत्यंत निकट के तापमान तक ठंडा करके प्राप्त किया जाता है। 3. हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत (Uncertainty principle) के अनुसार, किसी सूक्ष्म कण की स्थिति और उसके संवेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना संभव है, यदि माप के उपकरण अत्यधिक उच्च विभेदन (High resolution) वाले हों। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.