क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 25 times
थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error Theory) और स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के बीच एक महत्वपूर्ण सैद्धांतिक अंतर यह है कि थार्नडाइक का सिद्धांत 'S-R थ्योरी' (उद्दीपक-अनुक्रिया) पर आधारित है, जबकि स्किनर का सिद्धांत 'R-S थ्योरी' (अनुक्रिया-उद्दीपक) पर केंद्रित है। इस संदर्भ में स्किनर के सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) इस बात पर बल देता है कि प्राणी अपने वातावरण में सक्रिय रहकर स्वेच्छा से अनुक्रियाएं करता है, जिन्हें ऑपरेंट (Operant) कहा जाता है। इन अनुक्रियाओं के परिणाम स्वरूप मिलने वाला पुनर्बलन (Reinforcement) उस व्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना को बढ़ाता है। इसे 'R-S थ्योरी' (अनुक्रिया-उद्दीपक) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ अनुक्रिया पहले होती है और उद्दीपक (पुनर्बलन) बाद में मिलता है। इसके विपरीत, थार्नडाइक और पावलव के सिद्धांत उद्दीपक-प्रधान (S-R) हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), पावलव…
← पिछला प्रश्न
शैक्षणिक मनोविज्ञान में अधिगम के सिद्धांतों के संदर्भ में…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सैद्धांतिक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी पूर्व निर्धारित यांत्रिक उद्दीपक (Stimulus) के बिना अपनी स्वैच्छिक क्रियाओं द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और मिलने वाले परिणामों या सकारात्मक पुनर्बलन के आधार पर उसकी अनुक्रिया की प्रायिकता में वृद्धि होती है, तो यह अधिगम की कौन-सी मूल कार्यप्रणाली को प्रदर्शित करता है और यह पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन से किस प्रकार तात्विक रूप से भिन्न है?
→
अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी यांत्रिक उद्दीपक की प्रतीक्षा किए बिना अपनी स्वतंत्र या स्वैच्छिक अनुक्रियाओं (Voluntary Responses) द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और अपनी क्रिया के संतोषजनक परिणामों या 'पुनर्बलन' (Reinforcement) के माध्यम से व्यवहार को दोहराने की प्रवृत्ति को सुदृढ़ करता है, तो यह अधिगम की किस मौलिक कार्यप्रणाली को रेखांकित करता है और थार्नडाइक तथा पावलव के सिद्धांतों से किस प्रकार तात्विक रूप से भिन्न है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी पूर्व निर्धारित उद्दीपक के बिना अपनी स्वैच्छिक क्रियाओं द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और मिलने वाले परिणामों (पुनर्बलन) के आधार पर उसकी अनुक्रिया की प्रायिकता बढ़ती है, तो यह किस अधिगम सिद्धांत की मूल कार्यप्रणाली को प्रदर्शित करता है और इसके अंतर्गत 'एस-आर' (S-R) थ्योरी से यह किस प्रकार भिन्न है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) की तात्विक, तुलनात्मक और प्रयोगात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक जीव किसी उद्दीपक के प्रति पहले से मौजूद किसी स्वाभाविक अनुक्रिया को किसी कृत्रिम उद्दीपक के साथ जोड़ना सीखता है, जबकि दूसरे परिदृश्य में जीव स्वयं अपनी इच्छा से कोई क्रिया (सक्रिय व्यवहार) करके वातावरण को प्रभावित करता है और उसके परिणाम स्वरूप मिलने वाले 'प्रबलन' (Reinforcement) से उसके व्यवहार की आवृत्ति बढ़ती या घटती है, तो इन दोनों अधिगम स्वरूपों (पावलव का अनुबंधन और स्किनर का अनुबंधन) के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
थार्नडाइक के सीखने के 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के बीच पुनर्बलन (Reinforcement) की भूमिका को लेकर निम्नलिखित में से कौन सा विश्लेषणात्मक कथन सर्वाधिक सटीक है?
→
बी. एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सिद्धांत में पुनर्बलन (Reinforcement) की अनुसूचियों (Schedules of Reinforcement) का विशेष महत्व है। यदि किसी शिक्षण परिस्थिति में एक शिक्षक छात्र को उसके द्वारा किए गए सही उत्तरों की संख्या के आधार पर (जैसे प्रत्येक 5वें सही उत्तर के बाद) निश्चित अंतराल या संख्या के पश्चात पुनर्बलन प्रदान करता है, तो इसे अनुसूची के किस विशिष्ट प्रकार के अंतर्गत रखा जाएगा और यह शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) से किस प्रकार भिन्न है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'पुनर्बलन अनुसूची' (Schedules of Reinforcement) और प्रतिक्रिया दर के बीच के संबंध की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) और बी. एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के बीच का सबसे सूक्ष्म और महत्वपूर्ण तार्किक अंतर निम्नलिखित में से कौन सा है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.