समावेशी शिक्षा
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों के आलोक में, 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के अंतर्गत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का पालन करते हुए निम्नलिखित में से कौन सी कक्षा-कक्षीय रणनीति सबसे अधिक प्रभावी और तार्किक रूप से सही है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मूल उद्देश्य सभी बच्चों को उनकी व्यक्तिगत विभिन्नताओं के बावजूद एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम (Universal Design for Learning - UDL) एक ऐसा शैक्षणिक ढांचा है जो शिक्षण सामग्री, प्रस्तुतीकरण के तरीकों और मूल्यांकन में लचीलापन प्रदान करता है, ताकि यह विविध क्षमताओं वाले छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन…
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के प्रभावी समावेशन के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) में उल्लिखित प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सी कक्षा-कक्षीय रणनीति 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के मूल दर्शन के सर्वाधिक अनुकूल है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बाल अधिकारों के परिप्रेक्ष्य में 'समग्र शिक्षा अभियान' (Samagra Shiksha Abhiyan) तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, कक्षा-कक्षीय प्रक्रियाओं में 'विशिष्ट बालकों' के समावेशन के लिए कौन-सा शैक्षणिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक मॉडल सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य माना जाता है?
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समावेशी शिक्षा के संदर्भ में, बाल अधिकारों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए भारतीय संविधान के प्रावधानों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के दृष्टिकोण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है, जिसमें 'पीडब्ल्यूडी अधिनियम' (RPwD Act, 2016) के तहत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा भी शामिल है।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) ने 'विशेष आवश्यकता वाले बालकों' (CwSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' (Special Schools) को पूरी तरह से समाप्त करने और केवल सामान्य विद्यालयों में ही उनकी शिक्षा अनिवार्य करने की संस्तुति की है, ताकि पृथक्करण को बढ़ावा न मिले।
3. NEP 2020 में यह प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक विद्यालय में बाल-अनुकूल बुनियादी ढांचा, रिसोर्स रूम, विशेष शिक्षक और 'सक्षम' शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी जिससे कि बच्चों के सुगम अधिगम को सुनिश्चित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, और इसके लिए सामान्य पाठ्यचर्या या शिक्षण विधियों में किसी भी प्रकार के लचीलेपन या अनुकूलन की आवश्यकता नहीं होती है।
2. 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं में अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए बहुविध प्रस्तुतिकरण (Multiple Means of Representation), बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression) और बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement) के प्रावधान पर बल देता है।
3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act 2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) दोनों ही दिव्यांग और सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से वंचित बच्चों की मुख्यधारा की शिक्षा के लिए 'समान अवसर' और 'विशेष सहायता' दोनों की वकालत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'विभेदित निर्देश' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) दो महत्वपूर्ण रणनीतियाँ हैं। यदि एक शिक्षक सामान्य कक्षा में विभिन्न क्षमताओं, बौद्धिक स्तरों और अधिगम शैलियों वाले बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए UDL के सिद्धांतों का उपयोग कर रहा है, तो निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प UDL के तीन प्रमुख तंत्रिका-वैज्ञानिक (Neuro-scientific) और शैक्षणिक सिद्धांतों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का मुख्य उद्देश्य कक्षा-कक्ष में विविध आवश्यकताओं वाले शिक्षार्थियों (विशेषकर विकलांग और अधिगम अक्षमता वाले बच्चों) के लिए शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इस संदर्भ में, UDL के तीन प्रमुख प्रा-रूपी सिद्धांत निम्नलिखित में से कौन से हैं?
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समावेशी शिक्षा के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों के अंतर्गत, शिक्षण सामग्री और मूल्यांकन के तरीकों में विविधता लाने के लिए 'अभिव्यक्ति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Expression) का प्राथमिक मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के प्रभावी क्रियान्वयन और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के सार्वभौमिक समावेशन के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया शिक्षण अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का ढांचा निम्नलिखित में से किस मुख्य मनोवैज्ञानिक एवं pedagogical सिद्धांत पर आधारित है?
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