जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा अपनी मौजूदा मानसिक योजनाओं (Schemas) में नई जानकारी को इस प्रकार समायोजित करता है कि उसे नई जानकारी के अनुकूल ढलने के लिए अपने पुराने स्कीमा में परिवर्तन करना पड़ता है या एक नया स्कीमा बनाना पड़ता है, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'समायोजन' (Accommodation) वह प्रक्रिया है जिसमें बालक मौजूदा स्कीमा (Schema) से नई जानकारी के समायोजित न होने पर अपने पुराने मानसिक ढांचे में परिवर्तन करता है या नए स्कीमा का निर्माण करता है। इसके विपरीत, जब बालक बिना किसी परिवर्तन के नई जानकारी को मौजूदा स्कीमा में जोड़ता है, उसे आत्मसातकरण कहते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई बच्चा अपनी पूर्व-स्थापित मानसिक संरचनाओं या स्कीमा में किसी नई पर्यावरणीय जानकारी को पूरी तरह से फिट करने में असमर्थ होता है, और इसके परिणामस्वरूप वह या तो अपने पुराने स्कीमा में महत्वपूर्ण बदलाव करता है या एक बिल्कुल नए स्कीमा का निर्माण करता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक अनुकूलन (Cognitive Adaptation) के तंत्र को किस नाम से जाना जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'सेंट्रेशन' (Centration या केंद्रीकरण) की अवधारणा का तात्पर्य किस विकासात्मक सीमा से है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की सबसे विशिष्ट बौद्धिक और तार्किक विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) है। इस संदर्भ में, यदि एक किशोर को निम्नलिखित समस्या दी जाए: 'यदि सभी पंछी उड़ सकते हैं और पेंगुइन एक पंछी है, तो क्या पेंगुइन उड़ सकता है?', और वह बालक औपचारिक रूप से यह निष्कर्ष निकाले कि 'तार्किक रूप से कथन के अनुसार पेंगुइन को उड़ना चाहिए, भले ही वास्तविक दुनिया में ऐसा न हो', तो पियाजे के इस सिद्धांत के अनुसार यह मानसिक प्रक्रिया किस उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमता का सबसे स्पष्ट प्रमाण है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चे अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करते At हैं और अपने ज्ञान का निर्माण करते हैं। इस सिद्धांत में 'आत्मसात्करण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) की प्रक्रियाएं किसके संतुलन को स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य करती हैं?
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