संवेगात्मक विकास
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बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के बीच निम्नलिखित में से कौन-सा सैद्धांतिक और विश्लेषणात्मक अंतर सबसे अधिक सटीक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास में 'अभिवृद्धि' (Growth) शारीरिक संरचना और अंगों के आकार में होने वाले परिवर्तनों (जैसे लंबाई, वजन, भार आदि) को दर्शाती है जो कि मात्रात्मक (Quantitative) होती है। इसके विपरीत, 'विकास' (Development) एक व्यापक और समग्र अवधारणा है जो शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक परिवर्तनों को शामिल करती है। विकास में मात्रात्मक परिवर्तन के साथ-साथ गुणात्मक (Qualitative) परिवर्तन (जैसे कार्यक्षमता में सुधार) भी निहित होते हैं और यह गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत (Lifelong) निरंतर चलता रहता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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बाल विकास का अध्ययन करते समय 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के…
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अभिवृद्धि (Growth) और विकास (Development) के संदर्भ में…
Related Questions
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बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के तात्विक, मात्रात्मक एवं गुणात्मक आयामों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक की शारीरिक संरचना में भार, लंबाई और हड्डियों के आकार में होने वाली भौतिक वृद्धि एक निश्चित आयु के पश्चात रुक जाती है, परंतु उसके मानसिक, संवेगात्मक, सामाजिक और बौद्धिक पक्षों में जीवनपर्यंत निरंतर गुणात्मक परिवर्तन होते रहते हैं, तो इन दोनों संकल्पनाओं के पारस्परिक संबंधों, प्रकृति और उनके तात्विक भेदों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की संकल्पनाओं, उनके पारस्परिक अंतर तथा विकास के बुनियादी सिद्धांतों (जैसे- 'समीप-दूरीय क्रम' या प्रॉक्सिमोडिस्टल ट्रेंड और 'मस्तक-पुच्छीय क्रम' या सेफेलोकॉडल ट्रेंड) का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई शोधकर्ता यह प्रेक्षण करता है कि शारीरिक आकार, भार और लंबाई जैसे मात्रात्मक परिवर्तन एक निश्चित आयु सीमा के पश्चात रुक जाते हैं, किंतु मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक क्षमताओं का गुणात्मक विस्तार जीवनपर्यंत विभिन्न अवस्थाओं के साथ गतिशील रहता है और यह संपूर्ण प्रक्रिया आनुवंशिकता एवं पर्यावरण की जटिल अंतर्क्रिया तथा व्यक्तिगत भिन्नताओं के नियमों द्वारा शासित होती है, तो बाल विकास के इस वैज्ञानिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं के बीच निम्नलिखित में से कौन सा सबसे अधिक मौलिक और वैज्ञानिक अंतर है?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत न्यूटन के गति के नियमों, संवेग संरक्षण के सिद्धांत और घर्षण बल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. न्यूटन का प्रथम गति नियम, जिसे 'जड़त्व का नियम' (Law of Inertia) भी कहा जाता है, बल की गुणात्मक परिभाषा प्रदान करता है, जबकि द्वितीय गति नियम बल के परिमाण का मात्रात्मक व्यंजक ($F = ma$) प्रदान करता है।
2. संवेग संरक्षण का सिद्धांत (Law of Conservation of Momentum) इस बात पर आधारित है कि यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी असंतुलित बल कार्य न कर रहा हो, तो उस निकाय का कुल रेखीय संवेग नियत (संरक्षित) रहता है, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण रॉकेट का प्रक्षेपण और बंदूक से गोली छोड़ने पर पीछे की ओर झटका लगना है।
3. स्थैतिक घर्षण (Static Friction) का अधिकतम मान सीमांत घर्षण कहलाता है, और यह संपर्क तलों की प्रकृति और अभिलंब प्रतिक्रिया बल पर निर्भर करता है, किंतु संपर्क तलों के क्षेत्रफल के बदलने से इसका मान परिवर्तित हो जाता है।
4. जब कोई वस्तु किसी तरल या गैस में गति करती है, तो तरल द्वारा उसकी गति का विरोध करने वाला बल 'श्यानता' (Viscosity) या श्यान बल कहलाता है, जिसका मान वस्तु के वेग, आकृति और तरल की प्रकृति पर निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस बात का परिणाम है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, जिसके अनुसार ग्रह सूर्य को मिलाने वाली रेखा समान समयान्तरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है।
2. यदि पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी वर्तमान दूरी की आधी हो जाए, तो एक वर्ष में दिनों की संख्या घटकर वर्तमान की एक-चौथाई रह जाएगी।
3. पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु को उसके पलायन वेग (Escape Velocity) से दोगुने वेग से प्रक्षेपित किया जाता है, तो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार करने के बाद अंतरिक्ष में उस वस्तु का चाल और कुल ऊर्जा दोनों धनात्मक हो जाती हैं।
4. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) का परिक्रमण काल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन काल के बराबर होता है, और यह विषुवत वृत्त के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है तथा इसकी पृथ्वी की सतह से ऊंचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से कौन विविधता के महत्व के अंतर्गत “नहीं” आता है?
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