बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत
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बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत (Multi-Factor Theory of Intelligence) के प्रतिपादक ई.एल. थार्नडाइक के अनुसार, बुद्धि के विभिन्न प्रकारों या तत्वों (जैसे- सामाजिक, मूर्त और अमूर्त बुद्धि) में से कौन-सा घटक किसी व्यक्ति की अमूर्त चिन्तन (Abstract Thinking) की क्षमता, प्रतीकों और संकेतों को समझने तथा उनके आधार पर तार्किक निष्कर्ष निकालने की योग्यता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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Detailed Explanation
थार्नडाइक (E.L. Thorndike) ने अपने बहु-कारक सिद्धांत के अंतर्गत बुद्धि को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है: अमूर्त बुद्धि (Abstract Intelligence), मूर्त या यांत्रिक बुद्धि (Concrete or Mechanical Intelligence), और सामाजिक बुद्धि (Social Intelligence)। इसमें 'अमूर्त बुद्धि' वह मानसिक क्षमता है जो शब्दों, अंकों, प्रतीकों, सूत्रों और उच्च स्तरीय सैद्धांतिक विचारों को समझने तथा उनके माध्यम से समस्याओं का समाधान करने में सहायक होती है। विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रतिपादक…
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एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद और प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Connectionism and Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी अनुक्रिया (Response) के बाद यदि संतोषजनक या सुखद परिणाम (Satisfying State of Affairs) प्राप्त होता है, तो उस उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया के बीच का तंत्रिकाकीय संबंध मजबूत हो जाता है, तथा यदि असंतोषजनक या कष्टप्रद परिणाम प्राप्त होता है, तो वह बंधन कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सुदृढ़ीकरण, संतोषजनक अनुभवों और प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत में 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
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एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)—जिसके तहत यह स्पष्ट किया जाता है कि जब कोई स्नायु तंत्र (Nervous System) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो उसे संतोष मिलता है तथा जब वह तैयार नहीं होता और उसे जबरन कार्य कराया जाता है, तो उसे झुंझलाहट या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, शैक्षणिक तत्परता और अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) और 'एसोसिएशन एरिया' (Association Areas) के बीच न्यूरल पाथवे शेयरिंग, सिनैप्टिक ओवरलैप और पुराने कौशलों के तंत्रिका नेटवर्क के पुनरुपयोग की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संदर्भ-आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Context-based Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में सीखी गई संकल्पनाओं के वास्तविक जीवन में अनुप्रयोग, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बुद्धि के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) और 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करते समय, चार्ल्स स्पीयरमैन द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य कारक' (G-Factor) तथा जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक आयामों' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रामाणिक है?
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बुद्धि के 'संरचना सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का प्रतिपादन करने वाले मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने अपने त्रि-आयामी मॉडल में मानसिक योग्यताओं को मुख्य रूप से कितने आयामों या श्रेणियों में वर्गीकृत किया है?
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बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रतिपादक जे. पी. गिलफोर्ड (J. P. Guilford) द्वारा मानसिक योग्यताओं के वर्गीकरण में 'संक्रियाएँ' (Operations), 'विषय-वस्तु' (Contents) और 'उत्पाद' (Products) के त्रि-आयामी मैट्रिक्स का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन तीनों आयामों के अंतर्गत आने वाले घटकों की मूल संरचना और उनकी वैज्ञानिक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रतिपादक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को कितने आयामों या श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है तथा इसमें मानसिक संक्रियाओं (Operations) के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-सा घटक सम्मिलित नहीं है?
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