राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)
Asked 2 months ago · Viewed 27 times
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के अंतर्गत 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों वैधानिक और शैक्षणिक दस्तावेजों के मूल उद्देश्यों को सर्वाधिक सटीकता से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही बाल-केंद्रित शिक्षा के दृष्टिकोण पर आधारित हैं। NCF 2005 इस बात पर जोर देता है कि ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ा जाना चाहिए और रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति मिलनी चाहिए, साथ ही यह समावेशी शिक्षा का प्रबल समर्थन करता है। वहीं, RTE Act 2009 देश के 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21क) बनाता है और किसी भी प्रकार के शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार समावेशी शिक्षा का अर्थ सभी बच्चों को उनकी योग्यताओं से परे एक ही कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
अगला प्रश्न →
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा…
← पिछला प्रश्न
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) द्वारा संस्तुत…
Related Questions
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों द्वारा समर्थित 'समावेशी शिक्षा' और 'बाल-केंद्रित अधिगम' के तात्विक और वैधानिक स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत निर्धारित 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन की प्रक्रिया' का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना', 'रटने की प्रणाली से मुक्ति दिलाना', और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)' को अपनाते हुए भयमुक्त, समावेशी एवं बाल-केंद्रित वातावरण का निर्माण करता है, तो इन वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के तात्विक, वैधानिक और pedagogic (शैक्षणिक) प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक विद्यालय समावेशी शिक्षा की भावना के अनुरूप सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने, रटने की प्रणाली से मुक्त करने और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, तो इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्संबंधों और उनके मूल दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के विधिक प्रावधानों का गहन एवं तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय अपने दैनिक संचालन में बाल-केंद्रित शिक्षा, ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ने, रटने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने, और कक्षा में विविधता का सम्मान करते हुए समावेशी वातावरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ RTE अधिनियम की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुरूप सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) को अपनाता है, तो इन दोनों नीतिगत दस्तावेजों के अंतर्संबंधों और उनके मौलिक उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों के अंतर्गत, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र' (Child-Centric Pedagogy) तथा 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और तात्विक रूप से सही है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के बुनियादी सिद्धांतों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन NCF 2005 द्वारा संस्तुਤ ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने के सिद्धांत तथा RTE Act 2009 की धारा 29 के तहत निर्धारित बाल-केन्द्रित शैक्षणिक दृष्टिकोण के अंतर्संबंध का सबसे सटीक और तात्विक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करता है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शन सिद्धांतों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत विद्यालयी शिक्षा में 'पाठ्यक्रम और मूल्यांकन की प्रक्रिया' के निर्धारण में किन तात्विक और बाल-केंद्रित प्रावधानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के विधिक प्रावधानों का संयुक्त और सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन दोनों नीतिगत दस्तावेजों के अंतर्निहित दर्शन 'बाल-केंद्रित शिक्षा' और 'ज्ञान के निर्माण' के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त और तार्किक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.