क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
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थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error Theory) और स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning) के मध्य अधिगम की प्रक्रिया और उद्दीपक-अनुक्रिया के संबंध में सबसे मौलिक और तात्विक अंतर निम्नलिखित में से कौन-सा है?
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Detailed Explanation
थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' में उद्दीपक (Stimulus) पहले मौजूद होता है और प्राणी उस तक पहुँचने के लिए अनुक्रिया करता है (बंद मुट्ठी या पजल बॉक्स का प्रयोग), जिसे 'S-R थ्योरी' कहा जाता है। इसके विपरीत, बी.एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) इस बात पर जोर देता है कि जीव पहले स्वेच्छा से कोई क्रिया (Response) करता है और उसके बाद मिलने वाला पुनर्बलन (Reinforcement) उस व्यवहार को नियंत्रित या आवृत्त करता है (जिसे 'R-S थ्योरी' या नैमित्तिक अनुबंधन भी कहते हैं)। इस संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory)…
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