अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,172 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब कक्षा-कक्ष में अधिगम अक्षमता (Learning Disability) जैसे कि 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) या 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) से पीड़ित बच्चे नामांकित होते हैं, तो उनके लिए 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों को लागू करना आवश्यक हो जाता है। UDL के इन तीन प्रमुख मूल सिद्धांतों—'प्रस्तुतीकरण के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—का सबसे सटीक शैक्षणिक निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (UDL) एक ऐसा दृष्टिकोण है जो सीखने के माहौल को सभी शिक्षार्थियों के लिए सुलभ और लचीला बनाता है। इसके तहत शिक्षण पद्धतियों, सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में विविधता लाई जाती है ताकि विभिन्न योग्यताओं और अक्षमताओं वाले बच्चे अपनी गति से सीख सकें। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
विभिन्न प्रकार की अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) जैसे डिस्प्रैक्सिया…
← पिछला प्रश्न
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, जब…
Related Questions
→
'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, शेविट्ज़ और साथियों (Shaywitz & Shaywitz) द्वारा प्रतिपादित 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फेयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporo-Parietal Junction), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus - Broca's Area) और 'ऑसिपिटो-टेम्पोरल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) के बीच दृश्य-श्रव्य एकीकरण, फॉनोलॉजिकल डिकोडिंग और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग की सक्रियण विसंगति, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'पठन विकास के त्रि-चरणीय मॉडल' (लॉगोग्राफिक, ऑर्थोग्राफिक और अल्फ़ाबेटिक चरण) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी फोनिक्स और संरचनात्मक साक्षरता शिक्षाशास्त्र (Structured Literacy Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता, शब्द पहचान प्रवाह व समग्र पठन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के क्षेत्र में स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और डेविड हूपर (David Hopkins) द्वारा विकसित मॉडलों का शिक्षण विधियों के सुधार के संदर्भ में सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशेष पठन अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया) से जूझ रहे छात्रों के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण विधि' (Remedial Teaching Method) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु त्वरित और व्यावहारिक शोध चक्र चलाता है, तब इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष शिक्षा' (Special Education), 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) और 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के दार्शनिक, प्रशासनिक तथा शैक्षणिक स्वरूपों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि एक सामान्य विद्यालय अपनी संरचना, पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणालियों में इस प्रकार का मूलभूत परिवर्तन करता है कि वह प्रत्येक बालक (चाहे उसकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या भाषाई क्षमताएं कितनी भी भिन्न क्यों न हों) की व्यक्तिगत अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने में समर्थ हो सके, तो समावेशी शिक्षा के इस आधुनिक और वैज्ञानिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के लिए 'सार्वभौमिक डिज़ाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. UDL एक ऐसा पाठ्यक्रम और शिक्षण ढांचा है जो अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए शिक्षण विधियों, सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में शुरुआत से ही लचीलापन और बहुविकल्प प्रदान करता है।
2. UDL के तीन मुख्य मनोवैज्ञानिक और तंत्रिका-वैज्ञानिक आधार हैं: सहभागिता के बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), प्रस्तुति के बहुविध साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन (Multiple Means of Action and Expression)।
3. यह दृष्टिकोण केवल दिव्यांग या बौद्धिक रूप से पिछड़े बच्चों के लिए ही अनुकूलित है, और सामान्य अथवा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए इसका उपयोग करने से उनके उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) से पीड़ित शिक्षार्थियों की विशिष्ट अधिगम विशेषताओं और उनके तात्विक-न्यूरोलॉजिकल स्वरूप का सबसे सटीक और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) के न्यूरोलॉजिकल एवं विकासात्मक स्वरूप का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों विकारों की विशिष्ट शारीरिक, गत्यात्मक (Motor) और संज्ञानात्मक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, जब एक शिक्षार्थी को मुद्रित शब्दों को पढ़ने, उनकी वर्तनी (Spelling) को समझने, और शब्दों को डिकोड करने में गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जबकि उसकी सामान्य बौद्धिक क्षमता, श्रवण और दृष्टि शक्ति पूरी तरह सामान्य होती है, तो इस विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल विकार को किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक वर्गीकरण के अंतर्गत 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) से ग्रसित शिक्षार्थियों में संख्यात्मक प्रसंस्करण (Numerical Processing) और स्थानिक-अंकगणितीय संक्रियाओं के दौरान किस प्रकार की तात्विक और संज्ञानात्मक विफलता देखी जाती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.