शिक्षण विधियाँ
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,859 times
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की कार्यप्रणाली और विभिन्न शिक्षण विधियों के एकीकरण का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) अथवा 'परियोजना विधि' (Project Method) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली विशिष्ट स्थानीय बाधाओं का वैज्ञानिक समाधान ढूँढने के लिए क्रियात्मक अनुसंधान चक्र—योजना (Plan), क्रियान्वयन (Act), प्रेक्षण (Observe) और चिंतन (Reflect)—का उपयोग करता है, तो इस प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसके तात्विक स्वरूप और मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) के साथ इसके अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) का मुख्य उद्देश्य किसी विशिष्ट कक्षा, विद्यालय या शैक्षिक संस्था की तात्कालिक व्यावहारिक समस्याओं का त्वरित और स्थानीय स्तर पर समाधान खोजना है, जिससे शिक्षण विधियों और शैक्षणिक परिणामों में सुधार किया जा सके। इसके विपरीत, मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) का उद्देश्य व्यापक सिद्धांतों और नियमों का प्रतिपादन करना होता है। इस प्रक्रिया को और गहराई से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के चक्र—'योजना बनाना' (Plan)…
← पिछला प्रश्न
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) और विद्यालयी शिक्षण…
Related Questions
→
'अधिगम व पठार (Plateau of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, आर्थर जर्सिल्ड (Arthur Jersild) और एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा विश्लेषित 'अधिगम में पठार' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'मस्तिष्क स्टेम की रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम (RAS)' के बीच सिनैप्टिक संतृप्ति (Synaptic Saturation), प्रेरणा में कमी, और पुरानी गलत रणनीतियों के स्थिरीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस थर्स्टन (Louis Thurstone) के 'अभ्यास और मानसिक थकान के सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, वैराइटी-इंटीग्रेटेड डायनेमिक पेडागोजी (Variety-Integrated Dynamic Pedagogy) और विद्यार्थियों में पठार तोड़ने, संज्ञानात्मक जड़ता को दूर करने व समग्र अधिगम गतिशीलता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) के संदर्भ में 'विशेष शिक्षा' (Special Education), 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) और 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के दार्शनिक, विधिक और संरचनात्मक विकास का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय प्रणाली ऐसी व्यवस्था का निर्माण करती है जहाँ सामान्य विद्यालयों के कछिकक्षीय वातावरण, पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियों और भौतिक अवसंरचना में इस प्रकार का मूलभूत रूपांतरण किया जाता है कि विभिन्न प्रकार की अक्षमताओं (शारीरिक, मानसिक, संवेदी या सामाजिक) से ग्रसित बच्चे और सामान्य बच्चे बिना किसी अलगाव के एक ही छत के नीचे सह-अधिगम करते हैं, तो इस आधुनिक समावेशी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) और पारंपरिक वैज्ञानिक अनुसंधान (Traditional Scientific Research) के तात्विक और पद्धतिगत स्वरूप का गहन तुलनात्मक विश्लेषण करने पर, कक्षा-कक्षीय शिक्षण विधियों के संदर्भ में क्रियात्मक अनुसंधान की कौन-सी विशिष्ट विशेषता इसे पारंपरिक अनुसंधान से मौलिक रूप से भिन्न और शिक्षकों के लिए अधिक प्रासंगिक बनाती है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs - CWSN) के शिक्षण-अधिगम संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) तथा बाल-केंद्रित शिक्षा के सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी भिन्नता से युक्त हों) को एक साथ समान अवसर प्रदान करना है, जिसमें शिक्षण विधियों और मूल्यांकन प्रणालियों को बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार लचीला (Flexible) बनाया जाता है।
2. 'विशिष्ट बालकों' के अंतर्गत केवल तीव्र बुद्धि या प्रतिभाशाली (Gifted) बालकों को शामिल किया जाता है, जबकि अधिगम अक्षमता (Learning Disabilities) और शारीरिक रूप से बाधित बालकों के लिए केवल पृथक् विशेष विद्यालयों (Segregated Special Schools) की स्थापना करना ही NCF-2005 का प्राथमिक और एकमात्र संस्तुत दृष्टिकोण है।
3. समावेशी कक्षाओं में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) का तात्पर्य ऐसी शिक्षण रणनीति से है, जहाँ शिक्षक प्रत्येक छात्र की अद्वितीय अधिगम शैली, गति और पूर्व ज्ञान को ध्यान में रखते हुए विषय-वस्तु, प्रक्रिया और उत्पादों में उचित संशोधन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के विभिन्न मॉडलों (जैसे स्टीफन कोरी या कर्ट लेविन का चक्र) तथा शिक्षण विधियों के बीच अंतःक्रिया का विश्लेषण करते समय, जब एक शिक्षक कक्षा-कक्ष की किसी विशिष्ट समस्या (जैसे छात्रों में गणितीय प्रमेयों के अनुप्रयोग की अशुद्धि) के समाधान हेतु क्रियात्मक अनुसंधान का प्रयोग करता है, तो इस प्रक्रिया का कौन-सा तात्विक आयाम इसे पारंपरिक प्रायोगिक या मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) से पृथਕ और विशिष्ट बनाता है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के क्षेत्र में स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और डेविड हूपर (David Hopkins) द्वारा विकसित मॉडलों का शिक्षण विधियों के सुधार के संदर्भ में सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशेष पठन अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया) से जूझ रहे छात्रों के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण विधि' (Remedial Teaching Method) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु त्वरित और व्यावहारिक शोध चक्र चलाता है, तब इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) और विद्यालयी शिक्षण विधियों के बीच के अंतर्संबंध का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा-कक्ष की विशिष्ट पठन-पाठन संबंधी समस्या (जैसे गणित में छात्रों की लगातार कम होती रुचि या निष्पादन) का समाधान ढूँढने के लिए वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करता है, तो इस प्रक्रिया की प्रकृति, उद्देश्य और पारंपरिक मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) के साथ इसके अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और प्रामाणिक है?
→
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान आने वाली विशिष्ट कक्षा-कक्षीय समस्याओं के वैज्ञानिक निराकरण और शिक्षण विधियों के परिमार्जन के संदर्भ में 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) तथा 'मौलिक अनुसंधान' (Fundamental Research) के मध्य तात्विक और प्रायोगिक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रियात्मक अनुसंधान की सीमा, उसके उद्देश्य और सामान्यीकरण (Generalization) की प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.