संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,918 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषताओं—जैसे 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई किशोर किसी वैज्ञानिक समस्या के समाधान के लिए सभी संभावित संभावनाओं की मानसिक रूप से योजना बनाता है और बिना प्रत्यक्ष अनुभव के प्रतीकों एवं तर्कों के आधार पर निष्कर्ष निकालता है, तो इस अवस्था की तात्विक और विकासात्मक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) वह चरण है जहाँ बालक का चिंतन अमूर्त (Abstract) और लचीला हो जाता है। इस अवस्था की सबसे प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' है, जिसकी विस्तृत जानकारी आप विकिपीडिया संदर्भ के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। इसके तहत किशोर न केवल वर्तमान परिस्थितियों बल्कि भविष्य की संभावनाओं और अमूर्त समस्याओं पर भी वैज्ञानिक ढंग से विचार करने में सक्षम होते हैं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Cognitive Development Theory) के…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage—लगभग 7 से 11 वर्ष) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के दौरान बालकों में विकसित होने वाली प्रमुख मानसिक योग्यताओं जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), 'वर्गीकरण' (Classification) और 'क्रमबद्धता' (Seriation) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage—लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की मुख्य विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान बच्चों में विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी तार्किक चिंतन' (Combinatorial Reasoning) की सूक्ष्म गतिकी का विश्लेषण करने पर, यह चिंतन 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' की तार्किक क्षमताओं से किस प्रकार गुणात्मक रूप से भिन्न होता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का उभरना है। जब एक adolescent (किशोर) किसी जटिल वैज्ञानिक या तार्किक समस्या का समाधान करते समय केवल प्रत्यक्ष या मूर्त साक्ष्यों पर निर्भर रहने के बजाय, सभी संभावित चर (Variables) की पहचान करता है, मानसिक रूप से परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ता है और फिर तार्किक रूप से निष्कर्षों का परीक्षण करता है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक परिपक्वता बालक की किस मूल मानसिक क्षमता और संरचनात्मक परिवर्तन को दर्शाती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.