विकास के सिद्धांत (Principles)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,648 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage—लगभग 7 से 11 वर्ष) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषताओं जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), 'वर्गीकरण' (Classification) और 'प्रतिलोमता' (Reversibility) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'प्रतिलोमता' (Reversibility) जैसे संज्ञानात्मक कौशलों को आत्मसात कर लेता है। इस अवस्था की सबसे बड़ी सीमा यह होती है कि बालक के ये तार्किक संक्रियात्मक विचार केवल 'मूर्त' (Concrete) या प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध वस्तुओं और अनुभवों पर ही आधारित होते हैं, अमूर्त विचारों पर नहीं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की…
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बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और…
Related Questions
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
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बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं, उनके मध्य अंतर तथा विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेष रूप से 'समीपता का सिद्धांत' (Principle of Proximity) या 'सिर-पद्दानुक्रम दिशा का सिद्धांत' (Cephalocaudal Principle) और 'निकट-दूर विकास का सिद्धांत' (Proximodistal Principle)—की तात्विक और वैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) की दोनों अवस्थाओं—अर्थात 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Stage 3) और 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Stage 4)—की तात्विक और सामाजिक-मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवस्थाओं के मध्य निहित मूलभूत अंतर और उनके संज्ञानात्मक-नैतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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बाल विकास के संदर्भ में 'विकास के सामान्य से विशिष्ट प्रतिमान' (Principle of General to Specific Response) तथा 'विकास के एकीकरण के सिद्धांत' (Principle of Integration) का सूक्ष्म तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों की पारस्परिक अंतःक्रिया और बाल व्यवहार के स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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मानव विकास के सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Sequence) के दोनों मुख्य आयामों—'मस्तकाधोमुख' (Cephalocaudal Trend) और 'निकट-दूर' (Proximodistal Trend)—तथा विकास की दर की वैयक्तिक विभिन्नता और एकरूपता के पैटर्न का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन सिद्धांतों की वास्तविक तात्विक गतिकी को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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