नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,211 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Post-Conventional Level) की छठी और अंतिम अवस्था—यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) की तात्विक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत स्तर की छठी अवस्था (सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास) नैतिक विकास का सर्वोच्च चरण है। इस अवस्था में व्यक्ति बाहरी सामाजिक दबावों या कानूनों से परे जाकर अपने आंतरिक विवेक, न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों, मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा के आधार पर नैतिक निर्णय लेता है। यदि कोई प्रचलित कानून मानवाधिकारों या न्याय के खिलाफ है, तो इस अवस्था का व्यक्ति अन्यायपूर्ण कानून की अवहेलना भी कर सकता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता का…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—जिसे उस उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-conventional Level) के चरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून लचीले सामाजिक अनुबंध हैं जिन्हें जनता के कल्याण और लोकतांत्रिक सहमति के आधार पर बदला जाना चाहिए, और वैयक्तिक मानवाधिकार तथा न्याय की भावना किसी भी कठोर संस्थागत नियम या वैधानिक आज्ञाकारिता से सर्वोपरी होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तर्कों, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक चेतना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-conventional Morality) के स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून सामाजिक अनुबंध के रूप में लचीले होने चाहिए, और यदि कोई कानून समाज के बुनियादी अधिकारों या न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध जाता है, तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक दृष्टिकोण, नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning) और न्यायबोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास किस स्तर के अंतर्गत आता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता के स्तर' (Conventional Level) के दूसरे चरण—यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social Order Maintaining Orientation)—का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की तात्विक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Pre-Conventional Level) की पहली अवस्था—यानी 'दंड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास' (Punishment and Obedience Orientation) की तात्विक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) की चतुर्थ अवस्था—यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social Order Maintaining Orientation)—की तात्विक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) की अंतिम अवस्था यानी 'विवेक की सार्वभौमिक नीतिपरक अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) की तात्विक और दार्शनिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की मूल विशेषताओं को सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) के प्रथम चरण तथा समग्र रूप से सिद्धांत के 'चरण 5'—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस स्तर पर बालक या वयस्क के नैतिक तर्कों की तात्विक और गत्यात्मक विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.