समावेशी शिक्षा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,647 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के बहु-साधन, प्रस्तुतीकरण के बहु-साधन, और अभिव्यक्ति के बहु-साधन—का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) सहित सभी विद्यार्थियों के लिए अधिगम वातावरण का निर्माण करता है, तो UDL के इन सिद्धांतों और 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के प्रावधानों के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning) एक ऐसा शैक्षणिक दृष्टिकोण है जो सभी विद्यार्थियों को सीखने के समान अवसर प्रदान करने के लिए लचीले पाठ्यक्रम और शिक्षण विधियों की वकालत करता है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, बौद्धिक और अधिगम अक्षमता…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के लिए 'सार्वभौमिक डिजाइन' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों और उसके अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL) एक ऐसा पाठ्यक्रम ढांचा है जो अधिगम की बाधाओं को कम करने और सभी विद्यार्थियों को समान रूप से सीखने के अवसर प्रदान करने के लिए तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के बहुविध साधन, प्रस्तुति के बहुविध साधन, और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन—पर आधारित है।
2. UDL का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल शारीरिक रूप से अक्षम बालकों को ही विशेष शिक्षण सामग्रियाँ मिल सकें, जबकि सामान्य बालकों के लिए पारंपरिक पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण प्रणाली ही सर्वोत्तम और एकमात्र विकल्प बनी रहे।
3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और निःशक्तजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act, 2016) दोनों ही इस बात पर बल देते हैं कि कक्षा का भौतिक और शैक्षणिक वातावरण ऐसा होना चाहिए जो बिना किसी अनुकूलन के केवल प्रतिभाशाली बालकों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के लिए बहुવિધ साधन, प्रतिनिधित्व के लिए बहुવિધ साधन, और अभिव्यक्ति के लिए बहुવિધ साधन—का गहन तात्विक और पेड़ागोजी संबंधी विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों (जैसे श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और अधिगम अक्षम) की विविध अधिगम शैलियों को समायोजित करने के लिए इन सिद्धांतों को लागू करता है, तो UDL के दार्शनिक और क्रियात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) 'विशेष आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' की स्थापना पर सबसे अधिक बल देती है और सामान्य विद्यालयों में उनकी मुख्यधारा में भागीदारी को हतोत्साहित करती है।
2. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक या भाषाई भिन्नताओं के बावजूद नियमित कक्षा-कक्ष में समान आयु वर्ग के बालकों के साथ गुणवत्तापूर्ण अधिगम के अवसर प्रदान करना है।
3. 'सुगम्य भारत अभियान' (Accessible India Campaign) और भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) देश में दिव्यांगजनों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बाधा-मुक्त वातावरण (Barrier-free environment) और विशेष शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रमुख वैधानिक और प्रशासनिक प्रयास हैं।
4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के तहत निजी विद्यालयों में भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए भी 25% सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन (Universal Design for Learning - UDL)' के सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सार्वभौमिक डिज़ाइन का उद्देश्य विकलांग या विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अलग से पाठ्यक्रम का निर्माण करना है ताकि उन्हें मुख्यधारा से दूर रखा जा सके।
2. UDL के तीन मुख्य सिद्धांत हैं: अधिगम के लिए एकाधिक साधन (Multiple Means of Representation), अभिव्यक्ति के साधन (Multiple Means of Action and Expression), और सहभागिता के साधन (Multiple Means of Engagement)।
3. यह दृष्टिकोण सीखने की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए लचीले शिक्षण वातावरण और विधियों के उपयोग पर जोर देता है।
4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) दोनों ही इस बात की वकालत करते हैं कि पाठ्यचर्या को इस प्रकार डिजाइन किया जाना चाहिए जो कक्षा के सभी विविध शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) या ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से ग्रसित बालकों के समावेशन हेतु 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के अंतर्गत 'अभिव्यक्ति के बहु-साधन' (Multiple Means of Expression) के सिद्धांत का पालन करते हुए एक शिक्षक को कक्षा-कक्षीय मूल्यांकन एवं शिक्षण प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस रणनीतिक उपागम को प्राथमिकता देनी चाहिए?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत श्रवण बाधित (Hearing Impaired) बालकों के समावेशन और कक्षा-कक्षीय संप्रेषण को सुगम बनाने के लिए 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के किस मूल सिद्धांत के अंतर्गत मल्टीमीडिया संसाधनों, उपशीर्षक (Subtitles), सांकेतिक भाषा (Sign Language) और दृश्य-श्रव्य उपकरणों का एक साथ अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के समावेशन हेतु 'समायोजन' (Accommodation) और 'संशोधन' (Modification) की तात्विक और शैक्षणिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं के मध्य विभेद और उनके कक्षा-कक्षीय अनुप्रयोग के संदर्भ में वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों—जैसे जुड़ाव के कई साधन (Multiple Means of Engagement), प्रतिनिधित्व के कई साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के कई साधन (Multiple Means of Action and Expression)—की तात्विक एवं तांत्रिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन UDL के मूल दार्शनिक दृष्टिकोण और कक्षा-कक्षीय क्रियान्वयन के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.