त्वरित लिंक्स
Child Development
1 views
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत श्रवण बाधित (Hearing Impaired) बालकों के समावेशन और कक्षा-कक्षीय संप्रेषण को सुगम बनाने के लिए 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के किस मूल सिद्धांत के अंतर्गत मल्टीमीडिया संसाधनों, उपशीर्षक (Subtitles), सांकेतिक भाषा (Sign Language) और दृश्य-श्रव्य उपकरणों का एक साथ अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा और सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग (UDL) के अंतर्गत 'प्रतिनिधित्व के बहु-साधन' (Multiple Means of Representation) का सिद्धांत यह सुनिश्चित करता है कि अधिगम सामग्री को विभिन्न स्वरूपों (जैसे दृश्य, श्रव्य, और पाठ्य) में प्रस्तुत किया जाए ताकि श्रवण बाधित या अन्य विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों को सूचना और ज्ञान आसानी से प्राप्त हो सके। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक आधारों का गहन विश्लेषण करते समय, जब कोई शिक्षार्थी मुद्रित शब्दों को डिकोड करने, ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) स्थापित करने और वर्णात्मक संकेतों को उनके संबंधित ध्वनियों के साथ जोड़ने में गंभीर रूप से असमर्थ होता है, तथा इसके साथ ही उसे स्थानिक और ग्राफिक मोटर समन्वय की कमी के कारण अक्षरों या अंकों को लिखने में भी अत्यधिक कठिनाई होती है, तो इन दोनों विशिष्ट विकारों का वैज्ञानिक और चिकित्सीय रूप से सही वर्गीकरण क्रमशः निम्नलिखित में से किस रूप में किया जाएगा?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के संदर्भ में, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने और तात्कालिक कक्षा-कक्ष समस्याओं का वैज्ञानिक हल खोजने के लिए इसका उपयोग करता है, तो पारंपरिक मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) और क्रियात्मक अनुसंधान के बीच के तात्विक अंतर तथा इसकी कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बालकों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की मुख्य संज्ञानात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत, जब किसी शिक्षार्थी को मौखिक भाषा को संसाधित करने, ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) प्राप्त करने और शब्दों को सटीक रूप से डिकोड करने में गंभीर कठिनाई होती है, जिसके कारण उसकी पठन क्षमता अत्यधिक प्रभावित होती है, तो इस न्यूरोलॉजिकल विकार को क्या कहा जाता है और यह किस मुख्य संज्ञानात्मक विफलता से जुड़ा है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की वैधानिक धाराओं का गहन विश्लेषण करने पर, बाल-केन्द्रित शिक्षा, ज्ञान के निर्माण, मूल्यांकन प्रणालियों और समावेशी शिक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं तात्विक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.