समावेशी शिक्षा
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) या विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Specific Learning Disability) से ग्रसित बालकों के समावेशन हेतु 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के अंतर्गत 'संलग्नता के बहु-साधन' (Multiple Means of Engagement) के सिद्धांत का पालन करते हुए एक शिक्षक को कक्षा-कक्षीय वातावरण में किस प्रमुख रणनीतिक उपागम को प्राथमिकता देनी चाहिए?
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Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांत हैं: प्रतिनिधित्व के बहु-साधन, अभिव्यक्ति के बहु-साधन, और संलग्नता के बहु-साधन। संलग्नता (Engagement) का सिद्धांत विद्यार्थियों की प्रेरणा को जागृत करने, उनकी रुचियों के अनुसार विकल्प देने, और चुनौती के स्तर को समायोजित करने पर केंद्रित है। इसके तहत शिक्षकों को ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जो विभिन्न योग्यताओं वाले बालकों को सीखने में सक्रिय रूप से जोड़े। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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