अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,643 times
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) जैसी विकासात्मक न्यूरोलॉजिकल विकृतियों के तात्विक, स्नायुविक (Neurological) और नैदानिक लक्षणों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन अक्षमताओं की वास्तविक संज्ञान-प्रक्रिया (Cognitive Processing) और अंतर्निहित स्नायु-कार्यप्रणाली को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम अक्षमताएँ (Learning Disabilities) तंत्रिका तंत्र (Neurological) से जुड़ी ऐसी स्थितियाँ हैं जो सूचनाओं को प्राप्त करने, संसाधित करने, याद रखने या व्यक्त करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। डिस्लेक्सिया भाषा और ध्वनि-विज्ञान (Phonology) संबंधी प्रसंस्करण को बाधित करता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, यह पठन, वर्तनी और भाषा के मौखिक या लिखित स्वरूप को समझने में कठिनाई पैदा करता है। इसी प्रकार, डिसग्राफिया लेखन व स्थानिक-दृश्य कौशल तथा डिसकैल्कुलिया गणितीय गणना और संख्यात्मक बोध को प्रभावित करने वाले स्नायुविक विकार हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप…
← पिछला प्रश्न
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities)…
Related Questions
→
एक ग्यारह वर्ष का छात्र कक्षा में पठन और वर्तनी के दौरान अक्षरों को उलटने (जैसे 'was' को 'saw' पढ़ना), शब्दों के बीच अंतराल को न समझ पाने और लंबे वाक्यों को पढ़ने में अत्यधिक कठिनाई का अनुभव करता है। हालाँकि, उसकी मौखिक अभिव्यक्ति, तार्किक क्षमता और बुद्धि लब्धि (IQ) उसकी आयु के अनुरूप सामान्य हैं और उसे किसी प्रकार की दृश्य या श्रवण संबंधी क्षति भी नहीं है। यह स्थिति मुख्य रूप से किस विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Learning Disability) की ओर संकेत करती है और इसका सबसे सटीक न्यूरोलॉजिकल कारण क्या माना जाता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत अधिगम अक्षमता (Learning Disability) से ग्रसित बालकों, जैसे डिस्लेक्सिया (Dyslexia) या डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) से पीड़ित विद्यार्थियों के आकलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी मूल्यांकन पद्धति सबसे अधिक न्यायसंगत और वैज्ञानिक मानी जाती है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डisग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) और 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक को लिखित अभिव्यक्ति में अत्यधिक कठिनाई होती है, उसके अक्षर असंतुलित, वर्तनी में अशुद्धियाँ और रेखांकन में भ्रामक प्रवृत्तियाँ पाई जाती हैं, जबकि उसकी मौखिक अभिव्यक्ति और बुद्धि लब्धि (IQ) सामान्य स्तर की है, तो इस विशिष्ट स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक और नैदानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक ऐसा शिक्षार्थी है जिसे गणितीय गणनाओं, चिह्नों के अवबोध और स्थानिक व्यवस्था में गंभीर कठिनाई होती है, जबकि दूसरे शिक्षार्थी को दृश्य-मुद्रित शब्दों को पहचानने, वर्णों को डिकोड करने तथा ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) में अत्यधिक बाधा का सामना करना पड़ता है; तो इन विशिष्ट अधिगम विकारों—डिसकैल्कुलिया (Dyscalculia) और डिस्लेक्सिया (Dyslexia)—के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई शिक्षार्थी गणितीय गणनाओं को करने, संख्याओं की स्थानिक व्यवस्था को समझने (Spatial Orientation), गणितीय प्रतीकों और सूत्रों को याद रखने तथा संख्यात्मक समस्याओं (Word Problems) को हल करने में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, तो इस विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल विकार और इसके अंतർनिहित कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी पठन के दौरान शब्दों को उलटने, वर्णमाला के आकारों (जैसे 'b' और 'd', या 'p' और 'q') में अंतर न कर पाने, वर्तनी संबंधी गंभीर अशुद्धियाँ करने और मुद्रित प्रतीकों को ध्वनियों में बदलने में निरंतर कठिनाई का अनुभव करता है, तो इस विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल विकार और इसके निवारण हेतु उपयुक्त बहु-संवेदी शिक्षण उपागम (Multi-sensory Teaching Approach - जैसे ओरटन-गिमेलिंग विधि) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) तथा 'डिसफैसिया' (Dysphasia) जैसी विकासात्मक न्यूरोलॉजिकल और संवेदी-प्रेरक (Sensorimotor) विकृतियों के तात्विक एवं नैदानिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक को अपने शरीर के अंगों में सूक्ष्म पेशीय समन्वय (Fine Motor Coordination) स्थापित करने—जैसे जूते के फीते बांधना, पेंसिल पकड़कर स्पष्ट लिखना, या बटन लगाना—में गंभीर कठिनाई होती है, और साथ ही उसे मौखिक भाषा को समझने या अपने विचारों को मौखिक रूप से संप्रेषित करने में भी बाधा का सामना करना पड़ता है, तो इन दोनों विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) जैसी विकासात्मक न्यूरोलॉजिकल विकृतियों के तात्विक, नैदानिक और संज्ञानात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक उच्च बौद्धिक क्षमता (Superior IQ) वाला बालक पठन के दौरान शब्दों को उलटने, वर्णाक्षरों (Phonemes) का सही विश्लेषण करने में असमर्थ रहने तथा लिखित सामग्री को समझने में अत्यधिक कठिनाई का अनुभव करता है, जबकि उसकी गणितीय तर्कणा और मौखिक संप्रेषण क्षमता उत्कृष्ट है, तो इस विशिष्ट स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.