जीन पियाजे
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,262 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) से 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में संक्रमण के दौरान बालकों में उत्पन्न होने वाली मानसिक योग्यताओं—विशेष रूप से 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'वर्गीकरण' (Classification)—की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक 8 वर्ष का बालक यह भली-भांति समझ लेता है कि किसी मिट्टी के गोले को चपटा करने पर उसके आकार में परिवर्तन होने के बावजूद उसकी कुल मात्रा या आयतन (Volume) अपरिवर्तित रहता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक ढांचे के अनुसार बालक का यह मानसिक संज्ञान किस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता को प्रदर्शित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालकों का मानसिक विकास इतना परिपक्व हो जाता है कि वे 'संरक्षण' (Conservation) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता हासिल कर लेते हैं। इस अवस्था में बालक केवल किसी एक भौतिक आयाम (जैसे केवल ऊंचाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय वस्तु के एकाधिक पहलुओं को एक साथ देख सकता है और यह समझ पाता है कि बाह्य रूप-रंग में परिवर्तन होने के बावजूद द्रव्यमान, भार और आयतन संरक्षित रहते हैं। इस विकासात्मक प्रक्रिया के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संवेदी-गामक अवस्था'…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की तात्विक और तार्किक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक 14 वर्ष का किशोर परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) का प्रयोग करते हुए किसी जटिल वैज्ञानिक समस्या के सभी संभावित समाधानों को व्यवस्थित रूप से खंगालता है और अमूर्त विचारों (Abstract Thoughts) पर तार्किक विमर्श करता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक ढांचे के अनुसार बालक की यह बौद्धिक क्षमता किस विशिष्ट मानसिक विशेषता को प्रदर्शित करती है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की तात्विक और गत्यात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, इस चरण की एक प्रमुख विशेषता 'जीववाद' (Animism) और 'अहमकेन्द्रियता' (Egocentrism) मानी जाती है। यदि कोई चार वर्ष का बालक अपने खिलौने वाली कार के गिर जाने पर यह रोने लगता है कि 'कार को चोट लग गई है और उसे बहुत दर्द हो रहा है', तथा वह यह मानता है कि हर व्यक्ति दुनिया को उसी तरह देखता और अनुभव करता है जैसे वह स्वयं देखता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस व्यवहार की तात्विक प्रक्रिया को सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की तात्विक, तार्किक एवं विकासात्मक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के दौरान बालकों में विकसित होने वाली 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'वर्गीकरण' (Classification) जैसी क्षमताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की तात्विक और तार्किक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक किशोर अपनी सोच में 'निगमनात्मक तर्क' (Deductive Reasoning), 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का पूर्ण रूप से उपयोग करने में सक्षम हो जाता है, तो इस अवस्था की अन्य विशिष्ट तात्विक एवं संज्ञानात्मक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.