विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 24 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'विभेदीकृत अनुदेश' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तात्विक एवं व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक सामान्य कक्षा-कक्ष में गंभीर रूप से दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और हल्के बौद्धिक अक्षमता (Mild Intellectual Disability) वाले शिक्षार्थी एक साथ अध्ययन कर रहे हैं, तो इन बच्चों की व्यक्तिगत और सामूहिक अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु निम्नलिखित में से कौन-सा pedagogical उपागम सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से यूडीएल के मूल सिद्धांतों और समावेशी दर्शन को चरितार्थ करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षण में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (UDL) और 'विभेदीकृत अनुदेश' का उद्देश्य सभी विद्यार्थियों को उनकी अनूठी क्षमताओं और अक्षमताओं के बावजूद समान अधिगम अवसर प्रदान करना है। इसके तहत पाठ्यचर्या को शुरुआत से ही लचीला बनाया जाता है ताकि प्रत्येक बच्चे की जरूरतें पूरी हो सकें। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे'…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक…
Related Questions
→
'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Inclusive Education and Children with Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय सिद्धांत (Ecological Systems Theory) का विशेष शिक्षा में अनुप्रयोग' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्カス' (Superior Temporal Sulcus - STS) के बीच सामाजिक संज्ञान, पर्यावरणीय अनुकूलन और न्यूरोडाइवर्सिटी (Neurodiversity) प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD) का न्यूरो-कोग्निटिव माइंडब्लाइंडनेस मॉडल (Mindblindness Model - Theory of Mind)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL: Universal Design for Learning) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, सामाजिक सहभागिता व सर्वांगीण समावेशन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का अर्थ क्या है?
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का अर्थ है:
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का मुख्य लाभ क्या है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'समायोजन' (Accommodation) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक सामान्य कक्षा-कक्ष में गंभीर दृष्टिबाधित और हल्के बौद्धिक अक्षमता वाले छात्रों की व्यक्तिगत अधिगम भिन्नताओं को संबोधित करने के लिए बहुसंवेदी उपागम (Multi-sensory Approach), ब्रेल लिपि, स्पर्शनीय सामग्रियों तथा लचीली मूल्यांकन रणनीतियों का एक साथ प्रयोग करता है, तो इस समावेशी शैक्षणिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए अधिगम (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मूल सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), प्रस्तुतीकरण के बहुविध साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन (Multiple Means of Action and Expression)—तथा विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) के समावेशन के तात्विक और शैक्षणिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और बौद्धिक रूप से मंद शिक्षार्थियों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी शिक्षण रणनीतियों में निरंतर संशोधन करता है, तो UDL और समावेशी शिक्षा के इस अंतर्संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs - CWSN) की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'व्यक्तिगत शिक्षा योजना' (Individualized Education Program - IEP) की तात्विक एवं शैक्षणिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक अपनी कक्षा में बौद्धिक अक्षमता, आटिज्म (Autism) और श्रवणबाधा से ग्रसित विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) को ध्यान में रखते हुए उनकी अधिगम गति, रुचियों और क्षमताओं के अनुसार पाठ्यचर्या, शिक्षण विधियों तथा मूल्यांकन रणनीतियों में रणनीतिक संशोधन करता है, तो समावेशी शिक्षा के इस वैज्ञानिक ढांचे के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं तार्किक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 'अधिकार अधिनियम (RPwD Act 2016)' के प्रावधानों तथा 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय संवेदी, शारीरिक, बौद्धिक या बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities) से ग्रस्त बच्चों को सामान्य बालकों के साथ मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यचर्या में लचीलापन, सुगम्यता (Accessibility) और सहायक तकनीकी (Assistive Technology) का उपयोग करता है, तो समावेशी शिक्षाशास्त्र के इन तात्विक एवं वैधानिक मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.