मापन, मूल्यांकन एवं परीक्षण: अवधारणा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,865 times
शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) के क्षेत्र में 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के दार्शनिक, तकनीकी एवं व्यावहारिक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय केवल वर्ष के अंत में मानकीकृत परीक्षा लेकर छात्रों को श्रेणीबद्ध करने की पारंपरिक परिपाटी को छोड़कर, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान ही निरंतर नैदानिक परीक्षण (Diagnostic Testing), सहपाठी आकलन (Peer Assessment) और स्व-आकलन (Self-Assessment) को एकीकृत करता है, तथा शिक्षार्थी की त्रुटियों को असफलता का द्योतक न मानकर अधिगम की प्रक्रिया के आवश्यक एवं मूल्यवान सोपान के रूप में देखता है, तो 'आकलन बनाम मूल्यांकन' (Assessment vs Evaluation) के इस आधुनिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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Detailed Explanation
शैक्षणिक मूल्यांकन में 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के मध्य मूल अंतर उनके उद्देश्यों में निहित होता है। रचनात्मक आकलन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर रूप से छात्र की प्रगति का निदान और उपचार करता है, जिसे 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) कहा जाता है। इसके विपरीत, योगात्मक मूल्यांकन एक विशिष्ट समयावधि की समाप्ति पर छात्र के कुल अर्जन का मापन करता है, जिसे 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) कहा जाता है। इस विषय की विस्तृत सैद्धांतिक पृष्ठभूमि के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) तथा…
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'फॉर्मेटिव असेसमेंट' (रचनात्मक मूल्यांकन - FA) का मुख्य शैक्षणिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
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हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अनुभूतियों, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और उनके आधार पर अपने जीवन व व्यवहार को निर्देशित व नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंब (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के क्षेत्र में स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और डेविड हूपर (David Hopkins) द्वारा विकसित मॉडलों का शिक्षण विधियों के सुधार के संदर्भ में सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशेष पठन अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया) से जूझ रहे छात्रों के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण विधि' (Remedial Teaching Method) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु त्वरित और व्यावहारिक शोध चक्र चलाता है, तब इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच मूलभूत अंतर को स्पष्ट करने वाला सबसे सही विश्लेषणात्मक विकल्प कौन सा है?
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की अवधारणाओं, उनके उद्देश्यों तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने के लिए निरंतर अनौपचारिक उपकरणों का प्रयोग करता है, और इसके साथ ही सत्र के अंत में उनके समग्र बौद्धिक, सह-शैक्षणिक और विकासात्मक स्तर का परिणात्मक व गुणात्मक निर्धारण कर निर्णय लेता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस विभेदक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक तथा कक्षा-कक्षीय निहितार्थों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने और सत्र के दौरान उनकी प्रगति को मार्गदर्शित करने के लिए पोर्टफोलियो, मौखिक प्रश्न और सहकर्मी आकलन (Peer Assessment) का निरंतर उपयोग करता है, तथा इसके साथ ही सत्र के अंत में उनके समग्र निष्पादन, गुणात्मक और मात्रात्मक उपलब्धियों का मानकीकृत निर्धारण कर ग्रेड या प्रमाणपत्र प्रदान करता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस विभेदक एवं व्यापक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) तथा पारंपरिक 'आकलन बनाम मूल्यांकन' (Assessment vs Evaluation) के तात्विक और सैद्धांतिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) के स्थान पर रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) को प्राथमिकता देते हुए छात्र के संज्ञानात्मक, सह-संज्ञानात्मक और मनोगतत्मक सभी पक्षों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विकास का निरंतर अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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शैक्षिक मूल्यांकन और आकलन (Assessment and Evaluation) के आधुनिकीकरण के संदर्भ में, 'रूब्रिक्स' (Rubrics) का उपयोग करते समय यदि कोई शिक्षक योगात्मक आकलन (Summative Assessment) के स्थान पर 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) पर विशेष बल देता है, जहाँ छात्र स्वयं अपनी प्रगति का मूल्यांकन करते हैं और अपने सीखने के तौर-तरीकों में संशोधन करते हैं, तो इस समग्र शैक्षणिक प्रक्रिया के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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