मापन, मूल्यांकन एवं परीक्षण: अवधारणा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,461 times
शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की अवधारणाओं, उनके उद्देश्यों तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने के लिए निरंतर अनौपचारिक उपकरणों का प्रयोग करता है, और इसके साथ ही सत्र के अंत में उनके समग्र बौद्धिक, सह-शैक्षणिक और विकासात्मक स्तर का परिणात्मक व गुणात्मक निर्धारण कर निर्णय लेता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस विभेदक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शैक्षणिक मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दोनों भिन्न किंतु पूरक अवधारणाएँ हैं। आकलन एक सतत प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य अधिगम के दौरान आने वाली कठिनाइयों का पता लगाना (निदान) और उसमें सुधार करना होता है (Assessment for Learning और Assessment as Learning)। इसके विपरीत, 'मूल्यांकन' एक व्यापक और समग्र संकल्पना है जिसके अंतर्गत आकलन के आँकड़ों के आधार पर मूल्य-निर्णय (Value Judgment) किया जाता है, जो सामान्यतः सत्र या पाठ्यक्रम के अंत में होता है (Assessment of Learning)। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक तीनों पक्षों के क्रमिक विकास का आकलन सुनिश्चित करता है। इस विषय की विस्तृत और प्रमाणिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक…
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच मूलभूत अंतर को स्पष्ट करने वाला सबसे सही विश्लेषणात्मक विकल्प कौन सा है?
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की अवधारणाओं तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तात्विक और सैद्धांतिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने तथा उनके संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक पक्षों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विकास का वर्षभर निरंतर दस्तावेजीकरण करने के लिए पोर्टफोलियो, सहकर्मी आकलन और अनौपचारिक उपकरणों का उपयोग करता है, तथा सत्र के अंत में उनके समग्र निष्पादन का मानकीकृत निर्धारण कर ग्रेड प्रदान करता है; तो आकलन, मूल्यांकन और CCE के इस व्यापक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं कक्षा-कक्षीय अनुप्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर पृष्ठापोषण (Feedback) प्रदान करने, उनकी कमियों का निदान करने तथा अध्यापन रणनीतियों में सुधार लाने के लिए नैदानिक और सृजनात्मक तौर-तरीकों का उपयोग करता है, जबकि सत्र के अंत में उनके संपूर्ण शैक्षणिक निष्पादन का एक व्यापक स्तर पर गुणात्मक एवं परिणात्मक मूल्य निर्धारण कर ग्रेड या अंक प्रदान करता है; तो आकलन और मूल्यांकन के इस अंतरसंबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) के अंतर्गत 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) तथा 'आकलन और मूल्यांकन' (Assessment vs Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय केवल सत्र के अंत में योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) आयोजित करने के स्थान पर सत्र के दौरान नियमित रूप से रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) को अपनाता है और शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक, भावात्मक तथा मनोगतत्मक सभी पक्षों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विकास का निरंतर अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक शैक्षिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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