निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,375 times
शैक्षणिक मूल्यांकन के क्षेत्र में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के अंतर तथा 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के तात्विक एवं तकनीकी स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान केवल छात्रों की निष्पत्ति को एक निश्चित अंक या ग्रेड देने के पारंपरिक दृष्टिकोण से हटकर, निरंतर रूप से छात्रों की कमियों का निदान करता है, उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करता है, तथा उनके संज्ञानात्मक और सह-संज्ञानात्मक पक्षों के गुणात्मक विकास का अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शैक्षणिक मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच सूक्ष्म किंतु महत्वपूर्ण अंतर होता है। आकलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान छात्रों की प्रगति की निगरानी करना और उनमें सुधार लाना (Assessment for Learning) होता है, जबकि मूल्यांकन एक व्यापक अवधारणा है जिसमें आकलन से प्राप्त डेटा के आधार पर मूल्य-निर्णय (Value Judgment) करना, ग्रेडिंग देना और समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता का निर्धारण करना शामिल है। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) इसी व्यापक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पर देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment)…
← पिछला प्रश्न
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'निदानात्मक…
Related Questions
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के मुख्य उद्देश्यों और इसकी प्राथमिक स्तर पर क्रियान्वयन की पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) के अंतर्गत 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) तथा 'आकलन और मूल्यांकन' (Assessment vs Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय केवल सत्र के अंत में योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) आयोजित करने के स्थान पर सत्र के दौरान नियमित रूप से रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) को अपनाता है और शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक, भावात्मक तथा मनोगतत्मक सभी पक्षों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विकास का निरंतर अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक शैक्षिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली के अंतर्गत 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'संकल्पात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य पाए जाने वाले प्रमुख अंतर और उनके कक्षागत उद्देश्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'संकल्पात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के दार्शनिक और व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य के तात्विक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) के 'शाखीय प्रोग्राम्ड लर्निंग सिद्धांत' (Branching Programmed Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'नैदानिक प्रतिक्रिया और उपचारात्मक शाखाएं' (Diagnostic Feedback and Remedial Branching)—जिसे उस उन्नत कंप्यूटर-सहायक और व्यक्तिगत अनुदेशन तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी द्वारा बहुविकल्पीय प्रश्नों के दिए गए उत्तरों के आधार पर उसकी त्रुटियों का तात्कालिक निदान (Diagnosis) किया जाता है, और यदि उत्तर गलत होता है, तो उसे मुख्य रैखिक पथ से हटाकर एक विशेष उपचारात्मक शाखा (Remedial Branch) में भेज दिया जाता है जहाँ उसे उस विशिष्ट अवधारणा को सरल चरणों और अतिरिक्त स्पष्टीकरण के साथ समझाया जाता है, जबकि सही उत्तर देने पर उसे सीधे अगले उन्नत चरण में आगे बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences), स्वायत्त अधिगम और त्रुटि-विश्लेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
नॉर्मन मंटगोमेरी मास्टर्स (Norman G. Milgram) अथवा सामान्यतः शैक्षणिक मनोविज्ञान में प्रयुक्त 'मास्टर लर्निंग मॉडल या प्रवीणता अधिगम मॉडल' (Mastery Learning Model)—जिसे बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा अत्यधिक लोकप्रिय बनाया गया—के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'निदानात्मक-उपचारात्मक शिक्षण चक्र या डायग्नोस्टिक-रेमेडियल टीचिंग साइकिल'—जिसे उस सुव्यवस्थित शैक्षणिक प्रक्रिया के रूप रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों की लघु-स्तरीय फॉर्मेटिव परीक्षाओं (Formative Assessments) के माध्यम से उनके विशिष्ट अधिगम अंतरालों (Learning Gaps) और त्रुटियों का वैज्ञानिक निदान (Diagnosis) करता है और तदुपरांत उन्हें पूरक शिक्षण सामग्रियां, सुधारात्मक रणनीतियाँ (Corrective Strategies) एवं पर्याप्त अतिरिक्त समय प्रदान करके प्रत्येक विद्यार्थी को विषयवस्तु में न्यूनतम 80% से 90% तक की 'प्रवीणता' (Mastery) प्राप्त करने का अवसर देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत भिन्नताओं के समाधान, सुदृढ़ीकरण और अकादमिक सफलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के अंतर्गत 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment) और 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) के तात्विक एवं क्रियात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवधारणाओं के मध्य मौजूद अंतःभेदों और उनकी गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के क्रियान्वयन के दौरान, जब एक शिक्षक विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक पक्षों का आकलन करने के लिए 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Testing) के उपरांत 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) की रूपरेखा तैयार करता है, तो इस प्रक्रिया में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के मध्य तात्विक एवं क्रियात्मक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.