मापन, मूल्यांकन एवं परीक्षण: अवधारणा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,752 times
शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक तथा कक्षा-कक्षीय निहितार्थों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने और सत्र के दौरान उनकी प्रगति को मार्गदर्शित करने के लिए पोर्टफोलियो, मौखिक प्रश्न और सहकर्मी आकलन (Peer Assessment) का निरंतर उपयोग करता है, तथा इसके साथ ही सत्र के अंत में उनके समग्र निष्पादन, गुणात्मक और मात्रात्मक उपलब्धियों का मानकीकृत निर्धारण कर ग्रेड या प्रमाणपत्र प्रदान करता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस विभेदक एवं व्यापक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शैक्षणिक संदर्भों में आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) दोनों भिन्न किंतु परस्पर पूरक अवधारणाएँ हैं। आकलन एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल को पहचानना, उन्हें रचनात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) देना और सीखने की प्रक्रिया में सुधार करना है (Assessment for Learning)। इसके विपरीत, मूल्यांकन (Evaluation) एक व्यापक अवधारणा है जो आकलन के आँकड़ों सहित विभिन्न गुणात्मक व मात्रात्मक साक्ष्यों के आधार पर मूल्य निर्धारण (Value Judgment) और निर्णय लेने की प्रक्रिया है, जो आमतौर पर योगात्मक (Summative) प्रकृति की होती है। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) इन दोनों के बीच के संतुलन को स्थापित करता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच मूलभूत अंतर को स्पष्ट करने वाला सबसे सही विश्लेषणात्मक विकल्प कौन सा है?
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के मध्य के मूलभूत सैद्धांतिक अंतर को कौन सा कथन सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं कक्षा-कक्षीय अनुप्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक विद्यार्थियों की अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर पृष्ठापोषण (Feedback) प्रदान करने, उनकी कमियों का निदान करने तथा अध्यापन रणनीतियों में सुधार लाने के लिए नैदानिक और सृजनात्मक तौर-तरीकों का उपयोग करता है, जबकि सत्र के अंत में उनके संपूर्ण शैक्षणिक निष्पादन का एक व्यापक स्तर पर गुणात्मक एवं परिणात्मक मूल्य निर्धारण कर ग्रेड या अंक प्रदान करता है; तो आकलन और मूल्यांकन के इस अंतरसंबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली के अंतर्गत 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'संकल्नात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के तात्विक, सैद्धांतिक तथा कक्षा-कक्षीय अनुप्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों की त्रुटियों का निरंतर निदान करने, उनकी वैचारिक समझ को उन्नत करने और तदनुरूप अपनी शिक्षण विधियों में लचीलापन लाते हुए तत्काल पृष्ठापोषण (Feedback) प्रदान करता है, जबकि दूसरी ओर सत्र के अंत में एक निश्चित मानक के आधार पर उनके समग्र निष्पादन का गुणात्मक एवं परिणात्मक मूल्य निर्धारण कर ग्रेड प्रदान करता है; तो आकलन और मूल्यांकन के इस अंतरसंबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) तथा 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं कक्षा-कक्षीय निहितार्थों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) की पहचान करने, उपचारात्मक शिक्षण की रूपरेखा तैयार करने तथा उनके गुणात्मक एवं मात्रात्मक पक्षों (संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक) का वर्षभर निरंतर दस्तावेजीकरण करने के लिए विभिन्न उपकरणों जैसे портфоलिओ (Portfolio), रेटिंग स्केल और सहयोगात्मक आकलन का उपयोग करता है, तो CCE के इस समग्र प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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