जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की मुख्य विशेषताओं—विशेष रूप से 'जीववाद' (Animism), 'अहंप्रकेंद्रिता' (Egocentrism) और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation)—का गहन विश्लेषण करने पर, यदि लगभग 4 से 6 वर्ष का एक बालक यह मानता है कि सूरज बादलों के पीछे छुपकर लुकाछिपी खेल रहा है और वह अपनी गुड़िया को ठंड लगने पर चादर ओढ़ा देता है क्योंकि उसे लगता है कि गुड़िया को भी ठंड महसूस होती है; तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, लगभग 2 से 7 वर्ष की आयु वाली 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) में बालक प्रतीकात्मक सोच विकसित करता है, किंतु उसकी सोच में 'अहंप्रकेंद्रिता' (Egocentrism—दूसरों के नजरिए से देखने में असमर्थता) और 'जीववाद' (Animism—निर्जीव वस्तुओं को सजीव मानना) जैसी प्रमुख सीमाएँ पाई जाती हैं। इस अवस्था में बालक यह मान बैठता है कि प्राकृतिक या निर्जीव वस्तुएँ भी मनुष्यों की तरह सोचती, महसूस करती या कार्य करती हैं। इस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख सीमाओं—विशेषकर 'जीववाद' (Animism), 'अहंप्रतिबद्धता' (Egocentrism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration)—के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की तात्विक और वैज्ञानिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था में उभरने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्कणा' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'स्कीमा' (Schema), 'आत्मसातीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation) और 'साम्याधारण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा पहली बार किसी उड़ने वाले जीव 'तितली' को देखता है और उसे अपनी पूर्व-ज्ञात स्कीमा 'चिड़िया' के आधार पर 'छोटी चिड़िया' मान लेता है (आत्मसातीकरण), किंतु जब वह देखता है कि तितली के पंख और उड़ने का ढंग चिड़िया से भिन्न है और उसके पास चोंच नहीं है, तब वह अपने मानसिक स्कीमा में संशोधन करता है और तितली को एक अलग कीट के रूप में पहचानना सीखता है (समायोजन); तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक संतुलन और बौद्ध विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख संज्ञानात्मक सीमाओं—जैसे 'आत्मकेन्द्रीकरण' (Egocentrism), 'जीववाद' (Animism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration)—तथा 'संरक्षण' (Conservation) के अभाव का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक 4 वर्ष का बालक यह तर्क देता है कि सूरज बादलों के पीछे छिप गया है क्योंकि वह सो रहा है (जीववाद), और वह पानी के दो समान गिलासों में से लंबे गिलास को अधिक पानी वाला मानता है क्योंकि उसका ध्यान केवल ऊँचाई पर केंद्रित रहता है (केंद्रीयकरण), तो पियाजे के इस विकासात्मक प्रतिमान और उसकी अंतर्निहित कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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