लेव वाइगोत्स्की
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,819 times
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान निर्माण' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षिका किसी जटिल गणितीय समस्या को हल करते समय शिक्षार्थियों को प्रारंभिक संकेत, आंशिक समाधान और तार्किक मार्गदर्शन प्रदान करती है, किंतु जैसे-जैसे शिक्षार्थी उस कार्य में निपुण होते जाते हैं, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम कर देती है; तो वाइगोत्स्की के इस संवादात्मक और संज्ञानात्मक विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, विकास एक सामाजिक रूप से मध्यस्थता वाली प्रक्रिया है। 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) उस अंतराल को इंगित करता है जो बच्चे द्वारा स्वतंत्र रूप से किए जाने वाले कार्य और किसी अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) जैसे शिक्षक या वयस्क के सहयोग से किए जाने वाले कार्य के बीच होता है। 'मचान निर्माण' (Scaffolding) जेरोम ब्रूनर द्वारा गढ़ा गया और वाइगोत्स्की के सिद्धांत में गहराई से समाहित एक अस्थायी समर्थन है जो शिक्षार्थी को उसकी स्वतंत्रता प्राप्त करने तक सहायता प्रदान करता है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के…
← पिछला प्रश्न
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत…
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, जब एक अधिगमकर्ता किसी अधिक ज्ञاني अन्य (MKO) के मार्गदर्शन में 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के भीतर कार्य करते हुए अपनी वास्तविक विकास क्षमता और संभावित विकास क्षमता के बीच की दूरी को पाटता है, तो इस पूरी संज्ञानात्मक और सांस्कृतिक मध्यस्थता की प्रक्रिया में 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) और 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools/Signs) के अंतर्संबंध का निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक विश्लेषण सर्वाधिक सटीक है?
→
'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन पाटन या मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'भाषा नेटवर्क' (Broca's & Wernicke's Areas) के बीच सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation), संज्ञानात्मक नियंत्रण, और अंतःविषयी सिंक्रनाइज़ेशन की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'स्कैफोल्डिंग अवधारणा' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, विनियमित संज्ञान (Regulated Cognition) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्फल्डिंग' या 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के बीच के गतिक और कार्यात्मक संबंध को निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव विगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान (Scaffolding)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (IFG) और 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (MNS) के बीच सामाजिक अंतःक्रिया, संज्ञानात्मक नियंत्रण और अनुकरण आधारित संप्रेषण की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'निर्देशात्मक मचान और प्रतिनिधित्व के रूपों (Enactive, Iconic, and Symbolic)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक सामाजिक शिक्षाशास्त्र (Collaborative Social Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-विनियमित अधिगम, भाषा-मध्यस्थता वाले उच्च-स्तरीय मानसिक कार्यों व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान कार्य' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गंभीर विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक किसी जटिल गणितीय समस्या को हल करते समय शिक्षार्थी को केवल उतनी ही न्यूनतम और प्रारंभिक सहायता प्रदान करता है जितनी उसे अपनी स्वतंत्र क्षमता से आगे बढ़ने के लिए आवश्यक होती है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की समझ विकसित होती जाती है, वह उस सहायता को धीरे-धीरे कम करता जाता है; तो संज्ञानात्मक विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, संज्ञानात्मक विकास और अधिगम की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'संज्ञानात्मक उपकरणों' (Cultural Tools) और 'भाषा' के अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई बालक किसी कठिन समस्या को हल करते समय ऊँची आवाज़ में खुद से बातें करता है (जिसे वाइगोत्स्की ने 'निजी भाषण' या Private Speech कहा है), तो इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया और बाल्यावस्था के संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'मचान या पाड़' (Scaffolding), और 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools) के अंतर्संबंधों तथा संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक अपने शिक्षक या अधिक जानकार अन्य (MKO) के अल्पकालिक और लक्षित हस्तक्षेप की सहायता से किसी जटिल समस्या को हल करने में सक्षम हो जाता है, जिसे वह स्वतंत्र रूप से हल नहीं कर पा रहा था, और इस प्रक्रिया के दौरान आंतरिक भाषण (Inner Speech) उसके स्वनिमित्त नियमन (Self-Regulation) को सुदृढ़ करता है, तो वाइगोत्स्की के इस समाज-रचनावादी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.