गार्डनर: बहुबुद्धि
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,803 times
हावर्ड गार्डनर के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और जे.पी. गिलफोर्ड के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model - SI Model) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, गिलफोर्ड द्वारा त्रि-आयामी दृष्टिकोण (संक्रिया, विषय-वस्तु और उत्पाद) के अंतर्गत कुल 120 (तत्पश्चात 150/180) स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वर्गीकरण तथा गार्डनर द्वारा प्रतिपादित स्वतंत्र बुद्धियों के स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) ने 1983 में अपनी पुस्तक 'फ्रेम्स ऑफ माइंड' में बहु-बुद्धि का सिद्धांत प्रतिपादित किया, जिसमें उन्होंने यह माना कि बुद्धि कोई एक एकीकृत इकाई नहीं है बल्कि कई स्वतंत्र प्रकार की बुद्धियों का समुच्चय है। इसके विपरीत, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) में कारक-विश्लेषण (Factor Analysis) का उपयोग करते हुए बुद्धि को तीन आयामों—संक्रिया (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और उत्पाद (Products)—के अंतर्गत वर्गीकृत किया। गिलफोर्ड का मॉडल साइकोमेट्रिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि गार्डनर का सिद्धांत न्यूरोलॉजिकल और विकासात्मक साक्ष्यों पर आधारित है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
स्टर्नबर्ग के 'त्रित्पुटीय बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence)…
← पिछला प्रश्न
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित…
Related Questions
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अनुभूतियों, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और उनके आधार पर अपने जीवन व व्यवहार को निर्देशित व नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंब (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बुद्धि (Intelligence) के विभिन्न सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करते समय, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के वैचारिक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के तात्विक और मौलिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित विभिन्न प्रकार की बुद्धियों—विशेषकर 'अन्तःवैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) और 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सामाजिक-संवेगात्मक क्षमताओं, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), और आत्म-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपनी स्वयं की आंतरिक भावनाओं, प्रेरणाओं, इच्छाओं, शक्तियों, सीमाओं और मानसिक अवस्थाओं को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और अपने जीवन को तदनुसार निर्देशित करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-नियमन (Self-Regulation), metacognition और व्यक्तिगत तन्मयता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्रों और पर्यावरणीय पैटर्न को सूक्ष्मता से पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक तालमेल बिठाने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक पर्यावरण बोध, क्षेत्र-आधारित अन्वेषण (Field-based Exploration) और पारिस्थितिक संवेदनशीलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) का तुलनात्मक और गहन विश्लेषण करने पर, गार्डनर की 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) और स्टर्नबर्ग के 'व्यावहारिक बुद्धि' (Practical Intelligence / Contextual Subtheory) के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) और रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के त्रिदिवसीय या त्रियामी बुद्धि सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) का तुलनात्मक तथा तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक दोनों सिद्धांतों के बीच अंतर और समानता स्थापित करना चाहे, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.