मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,942 times
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानववादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सुविधाप्रदाता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator)—जिसे उस लोकतांत्रिक और सह-अधिगमकर्ता (Co-learner) की भूमिका के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों पर ज्ञान थोपने के बजाय एक सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण (Empathic), गैर-निर्णयात्मक (Non-judgmental) और स्वतंत्रता-युक्त वातावरण का निर्माण करता है, ताकि शिक्षार्थी अपनी आंतरिक प्रेरणा और 'स्व' (Self) के वास्तविक विकास के साथ स्व-निर्देशित (Self-directed) अधिगम को प्राप्त कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास, आत्म-स्वीकृति और सार्थक आनुभविक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानववादी अधिगम सिद्धांत (Humanistic Learning Theory) में 'सुविधाप्रदाता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator) का संप्रत्यय इस बात पर जोर देता है कि शिक्षा व्यक्ति-केंद्रित (Person-centered) होनी चाहिए। रोजर्स के अनुसार, ज्ञान को 'सिखाया' नहीं जा सकता, बल्कि इसे सुगम बनाया जा सकता है। एक प्रभावी सुविधाप्रदाता वह होता है जो कक्षा में unconditional positive regard (बिना शर्त सकारात्मक आदर), empathy (सहानुभूति) और congruence (सच्चाई/तद्रूपता) का वातावरण प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों का आत्म-सम्मान बढ़ता है, वे अपनी क्षमता को पहचानते हैं और स्व-निर्देशित (Self-directed) तथा सार्थक अनुभवजन्य अधिगम (Experiential Learning) की ओर अग्रसर होते हैं। अतः विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक अवधारणा का सबसे सटीक और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
अगला प्रश्न →
अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
काल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत'…
Related Questions
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मानव विकास के अध्ययन में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की अंतःक्रिया के संदर्भ में, एनास्टासी (Anne Anastasi) और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित इस दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण करें कि 'वंशानुक्रम और वातावरण गुणात्मक रूप से परस्पर क्रिया करते हैं न कि केवल योगात्मक रूप से'। इसके प्रकाश में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस जैविक-पारिस्थितिक अंतःक्रिया की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
पाउवलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) और 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भय, पूर्वाग्रह तथा आदतों के नियमन व वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादितशोधात्मक अवस्था—'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) तथा इसके पूर्ववर्ती चरण 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में किशोरावस्था के दौरान विद्यार्थियों के आत्म-संकल्प (Self-Concept), व्यावसायिक अन्वेषण, और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अनुभवात्मक या सार्थक अधिगम' (Experiential / Meaningful Learning)—जिसे उस छात्र-केंद्रित और स्व-प्रेरित प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी केवल बाहरी तथ्यों को रटने के बजाय अपने व्यक्तिगत अनुभवों, भावनाओं, जिज्ञासाओं और वास्तविक जीवन की समस्याओं को अपने समग्र व्यक्तित्व के साथ जोड़ते हुए ज्ञान का सक्रिय और स्वतंत्र निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-वास्तविकीकरण (Self-Actualization), आंतरिक प्रेरणा और समग्र व्यक्तिगत विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' यानी 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आत्म-वास्तविकीकरण या स्व-सिद्धि' (Self-Actualization)—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी समस्त आंतरिक योग्यताओं, सृजनात्मक क्षमताओं और पूरी मानवीय संभावनाओं का पूर्ण रूप से विकास और सदुपयोग करने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, आंतरिक अभिप्रेरणा और उच्च-स्तरीय अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी सभी न्यूनता जनित आवश्यकताओं (Deficiency Needs जैसे- शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान) को सफलतापूर्वक संतुष्ट करने के बाद अपनी संपूर्ण आंतरिक क्षमताओं, अद्वितीय प्रतिभाओं और व्यक्तिगत संभावनाओं की चरम सीमा तक पहुँचकर अपनी वास्तविक क्षमता का पूर्ण विकास करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सृजनात्मक विकास, स्वायत्तता और समग्र व्यक्तित्व उत्थान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा के सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आत्म-सिद्धि या आत्म-प्राप्ति' (Self-Actualization)—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी सभी बुनियादी, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद अपनी आंतरिक योग्यताओं, सृजनात्मक क्षमताओं और पूरी मानवीय संभावनाओं (Full Potential) को विकसित करने और उसे वास्तविकता में बदलने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक प्रेरणा और स्व-अन्वेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.