गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,459 times
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के संस्थापकों में से एक मैक्स वर्दहिएमर (Max Wertheimer) तथा उनके सहयोगियों द्वारा प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतर्दृष्टि अधिगम या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning / A-ha Experience)—जिसे उस अचानक और तात्कालिक मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी समस्या की संपूर्ण संरचना (Total Field or Configuration) का विश्लेषण करके बिना किसी यांत्रिक प्रयास या त्रुटि के, अचानक उसके समाधान के मर्म या 'संबंध' को समझ लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र चिंतन (Holistic Thinking), रचनात्मक समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक पुनर्गठन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के पाठ्यक्रम के अंतर्गत गेस्टाल्टवादियों (वर्दिहाइमर, कोहलर, कोफ्का) द्वारा प्रतिपादित 'अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning) बाल विकास में संज्ञानात्मक और समग्र चिंतन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। इस सिद्धांत के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक या आँख मूँदकर किया गया प्रयास नहीं है, बल्कि यह स्थिति की समग्रता (Gestalt) को समझने और उसके पुनर्गठन पर आधारित है। जब बच्चा किसी समस्या के सभी पहलुओं को आपस में जोड़कर देखता है और अचानक उसे समाधान सूझता है (A-ha Experience), तो उसकी संज्ञानात्मक संरचना का विकास होता है। अतः विकल्प (c) इस संप्रत्यय के वैज्ञानिक और कक्षा-कक्षीय निहितार्थों को सबसे अधिक प्रामाणिक रूप से व्यक्त करता है, जबकि अन्य विकल्प इस सिद्धांत के मूल दर्शन के विपरीत हैं।
अगला प्रश्न →
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत…
← पिछला प्रश्न
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के…
Related Questions
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत, जब कोहलर के प्रयोग में सुल्तान नामक चिम्पैंजी द्वारा दो छोटी छड़ियों को जोड़कर एक लंबी छड़ी बनाई जाती है और केले को प्राप्त किया जाता है, तो इस पूरी संज्ञानात्मक प्रक्रिया में 'अचानक सूझ' (Insight) के उत्पन्न होने के पीछे कौन-सा मनोवैज्ञानिक तंत्र सबसे प्रमुख रूप से कार्य करता है?
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के परिप्रेक्ष्य में, जब कोहलर के प्रयोगों में चिम्पैंजी द्वारा बक्से को एक-दूसरे के ऊपर रखकर या छड़ियों को जोड़कर केले तक पहुँचने की समस्या का समाधान अचानक एक ही झटके में खोज लिया जाता है, तो इस पूरी प्रक्रिया में 'संज्ञानात्मक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring) की घटना को निम्नलिखित में से कौन-सा मनोवैज्ञानिक आयाम सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के संस्थापकों में से एक मैक्स वर्थहाइमर (Max Wertheimer) और उनके सहयोगियों द्वारा प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतर्दृष्टि अधिगम या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning / A-ha Experience)—जिसे उस अचानक और तात्कालिक संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी किसी समस्याग्रस्त परिस्थिति के बिखरे हुए घटकों या बाह्य संबंधों को यांत्रिक प्रयासों द्वारा नहीं, बल्कि अपने मानसिक पटल पर संपूर्णता (Wholeness) में देखकर अचानक से उसके मूल समाधान (Insight) को प्राप्त कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक सूझबूझ, अर्थपूर्ण ज्ञान-सर्जन और रचनात्मक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के संस्थापकों में से एक मैक्स वर्थहाइमर (Max Wertheimer) और उनके सहयोगियों द्वारा प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतर्दृष्टि अधिगम या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning / A-ha Experience)—जिसे उस संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी किसी समस्याग्रस्त परिस्थिति के किसी एक हिस्से को देखने के बजाय उसके संपूर्ण ढांचे (Total Field) का प्रत्यक्ष और मानसिक विश्लेषण करता है, और अचानक से बिना किसी क्रमिक प्रयास-त्रुटी के मानसिक पुनर्गठन (Mental Restructuring) के माध्यम से समस्या के समाधान तक पहुँच जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक विन्यास, समग्र दृष्टि और सार्थक ज्ञान-अर्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के संदर्भ में, मैक्स वर्दिमर, कर्ट कोफ्का और वुल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत की तात्विक प्रकृति, 'संपूर्णता' (Gestalt) की अवधारणा तथा समस्या समाधान के दौरान अचानक उत्पन्न होने वाले 'Aha! Experience' (सूझ) के न्यूरो-कॉग्निटिव आधार का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की वास्तविक वैज्ञानिक और शैक्षिक उपयोगिता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कुर्त कोफ्का और विशेष रूप से वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के संदर्भ में, चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और कोहलर की इस संकल्पना का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम सिद्धांत की सबसे मौलिक, वैज्ञानिक और विशिष्ट विशेषता को रेखांकित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.