गार्डनर: बहुबुद्धि
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,710 times
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धिमत्ता' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अवस्थाओं, शक्तियों, कमजोरियों और जीवन के लक्ष्यों का सूक्ष्मता से निरीक्षण, बोध और नियंत्रण करने में पूर्ण रूप से सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-प्रबंधन, स्वायत्तता (Autonomy), चयनात्मक चिंतन और स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत में 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धिमत्ता' (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति की उस क्षमता को दर्शाती है जिसके द्वारा वह अपने स्वयं के भीतर झांक सकता है, अपनी भावनाओं, उद्देश्यों और प्रेरणाओं को समझ सकता है। कक्षा-कक्षीय संदर्भ में, यह विद्यार्थियों को स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), मेटाकॉग्निशन (Metacognition) और भावनात्मक संतुलन प्राप्त करने में सहायता करती है, जिससे वे अपने शैक्षणिक लक्ष्यों के प्रति अधिक स्वायत्त और उत्तरदायी बनते हैं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
अगला प्रश्न →
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple…
← पिछला प्रश्न
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत'…
Related Questions
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अनुभूतियों, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और उनके आधार पर अपने जीवन व व्यवहार को निर्देशित व नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंब (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बुद्धि (Intelligence) के विभिन्न सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करते समय, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के वैचारिक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के तात्विक और मौलिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित विभिन्न प्रकार की बुद्धियों—विशेषकर 'अन्तःवैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) और 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सामाजिक-संवेगात्मक क्षमताओं, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), और आत्म-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत—अंतःवैयक्तिक (Intrapersonal) और अंतःवैयक्तिक/पारस्परिक (Interpersonal) बुद्धियों के तात्विक और न्यूरोलॉजिकल आधार का गहन विश्लेषण करने पर—यदि एक नैदानिक मनोवैज्ञानिक (Clinical Psychologist) अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं और आंतरिक संघर्षों को गहराई से समझने में अत्यधिक सक्षम है, तथा साथ ही वह अपने रोगियों के मनोभावों, इच्छाओं और व्यवहारिक इरादों को सटीक रूप से भांपकर उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करता है, तो गार्डनर के इस वर्गीकरण के अनुसार उस मनोवैज्ञानिक में क्रमशः किन दो विशिष्ट बुद्धियों की प्रधानता मानी जाएगी?
→
स्टर्नबर्ग के बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence), 'अनुभवी या सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential/Creative Intelligence), और 'संदर्भगत या व्यावहारिक बुद्धि' (Contextual/Practical Intelligence) के उप-सिद्धों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी किताबी ज्ञान में औसत प्रदर्शन करता है परंतु वास्तविक जीवन की जटिल परिस्थितियों, सामाजिक अंतःक्रियाओं और पर्यावरण के साथ अनुकूलन स्थापित करने में असाधारण व्यावहारिक कौशल और चातुर्य प्रदर्शित करता है, तो स्टर्नबर्ग के इस प्रारूप के अनुसार उस छात्र की यह विशेषता मुख्य रूप से किस उप-सिद्धांत और उसकी किस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से दर्शाती है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि या इंट्रापर्सनल इंटेलिजेंस' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपने स्वयं के आंतरिक भावों, भावनाओं, प्रेरणाओं, कमजोरियों, शक्तियों, इच्छाओं और मानसिक अवस्थाओं को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक आकलन करने और अपने व्यवहार को तदनुसार विनियमित करने की उच्च योग्यता रखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-प्रबंधन, स्व-जागरूकता (Self-Awareness) और भावनात्मक नियमन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्राकृतिकवादी बुद्धि या नेचुरलिस्ट इंटेलिजेंस' (Naturalist Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति प्रकृति के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है, वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान, मौसम के पैटर्न और पर्यावरण के विभिन्न घटकों (जैसे पौधों, जानवरों और पारिस्थितिकी तंत्र) को सूक्ष्मता से पहचानने, वर्गीकृत करने और उनमें अंतर करने की उच्च योग्यता रखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अन्वेषण, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और क्षेत्र-आधारित अधिगम (Field-based Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.