क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,879 times
थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' (Trial and Error) सिद्धांत, पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) सिद्धांत और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांत का तुलनात्मक एवं तात्विक विश्लेषण करने पर, इन तीनों अधिगम सिद्धांतों की उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (जहां उद्दीपक पहले होता है और संतोषजनक परिणाम बंध को मजबूत करते हैं) तथा पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (जिसमें अनैच्छिक प्रतिक्रिया के लिए पूर्व-निश्चित उद्दीपक होता है) दोनों में उद्दीपक (Stimulus) की भूमिका केंद्रीय और अनुक्रिया से पूर्व होती है (जिसे 'प्रकार-S अनुबंधन' भी कहा जाता है)। इसके विपरीत, बी.एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning या 'प्रकार-R अनुबंधन') में जीव अपनी इच्छा से सक्रिय रूप से अनुक्रिया करता है और उद्दीपक या पुनर्बलन (Reinforcement) उस अनुक्रिया के 'पश्चात' घटित होता है।
अगला प्रश्न →
ई. एल. थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के मुख्य नियमों' (Primary Laws of…
← पिछला प्रश्न
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, थार्नडाइक के किस विशिष्ट नियम का प्रत्यक्ष वैचारिक विस्तार और प्रायोगिक परिमार्जन आगे चलकर स्किनर के 'पुनर्बलन अनुसूची' (Schedules of Reinforcement) और अनुक्रिया-प्रतिक्रिया गतिकी का आधार बना?
→
अधिगम (Learning) के अध्ययन में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) की भूमिका और उद्दीपक-अनुक्रिया के स्वरूप का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांतों के तात्विक एवं क्रियात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) और अनुक्रिया-उद्दीपक (R-S) संबंधों के संदर्भ में सबसे अधिक प्रामाणिक अंतर को स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों और अधिगम प्रक्रिया में उनकी वास्तविक भूमिका को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
थार्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness), पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तात्विक और न्यूरोलॉजिकल आधार का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी को किसी नए जटिल कौशल को सीखने के लिए उसकी शारीरिक और मानसिक परिपक्वता का स्तर उस कार्य के अनुकूल बनाया जाता है, तथा साथ ही वांछित अनुक्रिया के तुरंत बाद सकारात्मक पुनरावृत्ति (Positive Reinforcement) प्रदान की जाती है, तो इन तीनों मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों की अंतःक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक है?
→
अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के ऐतिहासिक एवं सैद्धांतिक विकास का गहन विश्लेषण करने पर, एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उनके उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंधों और पुनर्बलन की भूमिका के तात्विक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आकार देना या शेपिंग' (Shaping)—जिसे उस क्रमिक सन्निकटन (Successive Approximation) विधि के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल, नवीन या अवांछित व्यवहार को सीधे तौर पर प्राप्त करने के बजाय वांछित अंतिम व्यवहार की ओर ले जाने वाले छोटे-छोटे क्रमिक चरणों और चरणों की सफलता पर सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) प्रदान करके धीरे-धीरे प्राणी के व्यवहार को ढाला जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, सकारात्मक व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) और चरणबद्ध अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'शेपिंग या आकृतीकरण' (Shaping / Successive Approximation)—जिसे उस जटिल व्यवहार के निर्माण की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी वांछित अंतिम जटिल व्यवहार (Target Behavior) को प्राप्त करने के लिए क्रमिक रूप से उसके निकटवर्ती छोटे-छोटे चरणों और सन्निकट अनुक्रियाओं (Successive Approximations) को सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) प्रदान करके धीरे-धीरे ढाला जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नए जटिल कौशलों, अनुशासित आदतों और चरणबद्ध अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.