मापन, मूल्यांकन एवं परीक्षण: अवधारणा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,043 times
शैक्षणिक संदर्भ में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के अंतर्गत 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment) और 'संकल्नात्मक आकलन' (Summative Evaluation) के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य के सबसे बुनियादी और उद्देश्यपरक अंतर को सर्वाधिक सटीकता से स्पष्ट करता है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के भिन्न-भिन्न उद्देश्य होते हैं। निदानात्मक आकलन (Diagnostic Assessment) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों की कमजोरियों, भ्रांतियों और सीखने में आ रही बाधाओं का गहराई से पता लगाने के लिए किया जाता है ताकि उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) के माध्यम से सुधार किया जा सके। इसके विपरीत, संकल्नात्मक आकलन या योगात्मक मूल्यांकन (Summative Evaluation) सामान्यतः सत्र, अर्ध-वर्ष या पाठ्यक्रम के अंत में यह मापने के लिए किया जाता है कि छात्र ने निर्धारित शैक्षणिक लक्ष्यों और उद्देश्यों को किस सीमा तक प्राप्त किया है। इसके आधार पर ग्रेडिंग या प्रमाणन दिया जाता है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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