समायोजन एवं रक्षा-युक्तियाँ
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सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में व्यक्तित्व की गत्यात्मकता को समझने के लिए रक्षा प्रयुक्तियों (Defense Mechanisms) की संकल्पना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब कोई व्यक्ति अपनी अस्वीकार्य इच्छाओं, आवेगों या कुंठाओं को किसी ऐसे सामाजिक रूप से स्वीकृत या उच्चतर उद्देश्य की ओर मोड़ देता है जिसका समाज में उच्च मूल्यांकन किया जाता है, तो फ्रायड के अनुसार इस विशिष्ट रक्षा युक्ति को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
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Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत में 'मार्गांतरीकरण' (Sublimation) वह रक्षा युक्ति है जिसके द्वारा असामाजिक या अस्वीकार्य मूलप्रवृत्तियों की ऊर्जा को रचनात्मक, कलात्मक या सामाजिक रूप से मूल्यवान गतिविधियों में परिवर्तित कर दिया जाता है। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व…
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रीता और जे. एस. ड्रेवर (Drever) अथवा सामान्य मानसिक…
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत, जब कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) से गुजरता है, तो इस चरण में उत्पन्न होने वाली 'ईडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) के समाधान के रूप में बालक अपनी समान लिंगी माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करता है। यह मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया फ्रायड के व्यक्तित्व के किस संरचनात्मक तंत्र के अत्यधिक सक्रिय होने का प्रत्यक्ष परिणाम होती है?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या डिफेंस मैकेनिज्म' (Defense Mechanisms)**—विशेषकर **'युक्तिकरण या рационализация / Rationalization'**—जिसे उस अचेतन मानसिक युक्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी किसी असफलता, अस्वीकार्य इच्छा या चिंताजनक व्यवहार को छिपाने के लिए तार्किक और सामाजिक रूप से स्वीकार्य, किंतु झूठे या बनावटी कारण गढ़ लेता है ताकि उसके 'अहं' (Ego) को आघात न पहुँचे और आत्म-सम्मान सुरक्षित रहे—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, शैक्षणिक कुंठाओं और रक्षात्मक व्यवहार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय रक्षा तंत्र—**'उर्ध्वपातन या उदात्तीकरण' (Sublimation)**—जिसे उस परिपक्व और सकारात्मक रक्षा तंत्र (Defense Mechanism) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी असामाजिक, आक्रामक या अवांछनीय मूल प्रवृत्तियों (Libidinal/Aggressive Drives) की ऊर्जा को समाज द्वारा स्वीकृत, रचनात्मक, कलात्मक, वैज्ञानिक या उच्च सांस्कृतिक गतिविधियों (जैसे- चित्रकला, साहित्य, खेल या अनुसंधान) में सफलतापूर्वक पुनर्निर्देशित कर देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संतुलन, ऊर्जा के सकारात्मक चैनलिंग और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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पॉल बाल्ट्स (Paul Baltes) के 'जीवन-काल परिप्रेक्ष्य विकास सिद्धांत' (Life-Span Perspective of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'चयनात्मक अनुकूलन के साथ इष्टतम अनुकूलन या चयन, अनुकूलन और क्षतिपूर्ति मॉडल' (SOC Model: Selection, Optimization, and Compensation)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक रूपरेखा के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति जीवन भर होने वाले जैविक और पर्यावरणीय परिवर्तनों (संसाधनों की कमी) के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विशिष्ट लक्ष्यों का चयन (Selection) करता है, अपने कौशलों को निखारकर उनका इष्टतम उपयोग करता है (Optimization), और आई हुई क्षतियों या सीमाओं से निपटने के लिए वैकल्पिक रणनीतियों या साधनों का सहारा लेता है (Compensation)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के विकासात्मक समायोजन, लक्ष्य-संचालित अधिगम और व्यक्तिगत रणनीतिक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत बल, गति, और ऊर्जा के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर एकसमान चाल से गति करती है, तो उस पर कार्य करने वाला अभिकेंद्र बल (Centripetal Force) वस्तु द्वारा तय किए गए वृत्त के केंद्र की ओर निर्देशित होता है, किंतु यह बल वस्तु द्वारा किया गया कार्य शून्य (Zero Work) होता है क्योंकि विस्थापन की दिशा हमेशा अभिकेंद्र बल के लंबवत होती है।
2. प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) के मामले में न केवल रैखिक संवेग (Linear Momentum) संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) भी पूर्ण रूप से संरक्षित रहती है, और इसमें प्रयुक्त प्रत्यास्थता गुणांक (Coefficient of Restitution, e) का मान ठीक शून्य होता है।
3. किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) केवल उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है, तथा घूर्णन अक्ष (Axis of Rotation) की स्थिति बदलने पर भी वस्तु के जड़त्व आघूर्ण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
4. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) करने वाले किसी कण की कुल ऊर्जा उसके विस्थापन के साथ लगातार बदलती रहती है, तथा जब कण अपने माध्य स्थिति (Mean Position) पर होता है, तब उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम और गतिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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