जीन पियाजे
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,629 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की ओर संक्रमण के दौरान बालक के चिंतन में होने वाले गुणात्मक परिवर्तनों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवस्थाओं के बीच के सबसे मौलिक तात्विक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वास्तविक, मूर्त और प्रत्यक्ष रूप से अनुभव की जाने वाली वस्तुओं पर तार्किक संक्रियाएं कर सकता है, लेकिन वह अमूर्त या काल्पनिक समस्याओं को हल करने में असमर्थ होता है। इसके विपरीत, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से आगे) में किशोर अमूर्त चिंतन, तार्किक परिकल्पना निर्माण (Hypothetico-deductive reasoning) और वैज्ञानिक पद्धति से सोचने की क्षमता अर्जित कर लेते हैं। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत…
Related Questions
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, 11 वर्ष से वयस्कता) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के दौरान विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage, 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में पाए जाने वाले 'जीववाद' (Animism) और 'अहंप्रतिपत्ता' (Egocentrism) की संकल्पनाओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों विशेषताओं के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप की सबसे सटीक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की प्रमुख संज्ञानात्मक योग्यताओं—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के बालकों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उनके तार्किक चिंतन की वास्तविक और सीमाबद्ध प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) की विशिष्ट संज्ञानात्मक सीमाओं का गहन विश्लेषण करने पर, 'जीववाद' (Animism), 'अहंप्रतिबद्धता' (Egocentrism), और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था के बालकों की मानसिक प्रक्रिया को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.