गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,084 times
वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित गेस्टाल्टवादी 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत, समस्या समाधान के दौरान 'अकास्मात प्रकाश' (Aha! Moment) या संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के मूलार्ह और तात्विक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादियों (विशेषकर वोल्फगैंग कोहलर) के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक या क्रमिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सूझ (Insight) पर आधारित होता है जहाँ व्यक्ति या प्राणी समस्या की संपूर्ण परिस्थिति (Total Field) को एक समग्र रूप (Gestalt) में देखता है और अचानक उसके अंतःसंबंधों को समझकर तत्क्षण समाधान प्राप्त करता है। इस सिद्धांत के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की कार्यप्रणाली के अंतर्गत कर्ट लेविन…
← पिछला प्रश्न
मैक्स वर्दिमर, कुर्त कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा…
Related Questions
→
वोल्फगैंग कोहलर द्वारा चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और गेस्टाल्टवादी 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत, यांत्रिक पुनरावृत्ति (Mechanical Repetition) और थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि' सिद्धांत से इसके मूलभूत वैचारिक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम प्रक्रिया के संज्ञानात्मक और संरचनात्मक स्वरूप की सर्वाधिक सटीक वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
गेस्टाल्टवादियों (कोहलर, कोफ्का और वर्दीमर) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संदर्भ में, जब कोई व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए पारंपरिक यांत्रिक प्रयासों के स्थान पर अचानक संपूर्ण परिस्थिति का मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Reorganization) करता है, तो इस अधिगम प्रक्रिया की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता इसे थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि' सिद्धांत से पूरी तरह अलग और विशिष्ट बनाती है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Theory of Insight) के संदर्भ में, कोहलर के प्रयोगों की संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और 'अकास्मिक समाधान' (Aha! Experience) के तात्विक आधार का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की वास्तविक संज्ञानात्मक प्रकृति और इसकी सीमाओं को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—विशेष रूप से वोल्फगैंग कोहलर द्वारा चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और उनके 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Theory of Insight)—का गहन संज्ञानात्मक विश्लेषण करने पर, थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत की क्रमिक और यांत्रिक प्रक्रिया तथा कोहलर की 'सूझ' आधारित तात्कालिक संज्ञानात्मक पुनर्रचना (Cognitive Restructuring) के मध्य निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक अंतर परिस्थिति की समग्र संरचना और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के संदर्भ में, मैक्स वर्दिमर, कर्ट कोफ्का और वुल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत की तात्विक प्रकृति, 'संपूर्णता' (Gestalt) की अवधारणा तथा समस्या समाधान के दौरान अचानक उत्पन्न होने वाले 'Aha! Experience' (सूझ) के न्यूरो-कॉग्निटिव आधार का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की वास्तविक वैज्ञानिक और शैक्षिक उपयोगिता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कुर्त कोफ्का और विशेष रूप से वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के संदर्भ में, चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और कोहलर की इस संकल्पना का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम सिद्धांत की सबसे मौलिक, वैज्ञानिक और विशिष्ट विशेषता को रेखांकित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.