मापन, मूल्यांकन एवं परीक्षण: अवधारणा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,235 times
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और आधुनिक शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से, विद्यालय आधारित मूल्यांकन (School-Based Assessment) तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के क्रियान्वयन में 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment), 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के तात्विक और व्यावहारिक अंतरों का गहन विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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Detailed Explanation
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के स्वरूप का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) अर्थात् रचनात्मक आकलन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर चलता रहता है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की कमियों को जानकर उनमें सुधार करना है। इसके विपरीत, योगात्मक मूल्यांकन मुख्य रूप से एक निश्चित अवधि के अंत में 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) करने के लिए प्रयुक्त होता है। शिक्षाशास्त्र में सतत मूल्यांकन की इस व्यापक संकल्पना को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation - CEE) तथा…
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सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन'…
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों में 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने', 'रटन प्रणाली से मुक्ति दिलाने' तथा 'कक्षा-कक्ष को लोकतांत्रिक एवं लचीला बनाने' के दार्शनिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र (Child-centric Pedagogy) को लागू करते हुए योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) के स्थान पर सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE) को अपनाता है तथा बच्चों की स्थानीय संस्कृति, मातृभाषा और उनकी अनुभवात्मक समझ को पाठ्यक्रम का मुख्य आधार बनाता है, तो इन दोनों नीतिगत एवं वैधानिक दस्तावेजों के अंतर्निहित दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के मुख्य उद्देश्यों और इसकी प्राथमिक स्तर पर क्रियान्वयन की पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत निर्धारित 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन की प्रक्रिया' तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों का गहन विधिक एवं शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र, निरंतर और व्यापक मूल्यांकन (CCE), तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों वैधानिक एवं नीतिगत दस्तावेजों के अंतर्निहित उद्देश्यों के मध्य सबसे प्रामाणिक तात्विक समरूपता को स्पष्ट करता है?
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शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) के अंतर्गत 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) तथा 'आकलन और मूल्यांकन' (Assessment vs Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय केवल सत्र के अंत में योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) आयोजित करने के स्थान पर सत्र के दौरान नियमित रूप से रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) को अपनाता है और शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक, भावात्मक तथा मनोगतत्मक सभी पक्षों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक विकास का निरंतर अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक शैक्षिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) के विभिन्न स्वरूपों—जैसे 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning), 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning), और 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning)—तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के सैद्धांतिक परिप्रेक्ष्य का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों आकलनों के मुख्य उद्देश्य और उनके तात्विक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की अवधारणाओं के दार्शनिक और व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के बीच के तात्विक और प्राविधिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की संकल्पनाओं, विशेष रूप से 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) और 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) के तात्विक एवं क्रियात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के बीच के मूलभूत अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) की प्रक्रिया में 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) और 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) के बीच के तात्विक एवं क्रियात्मक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'अधिगम के रूप में आकलन' की सबसे मूल और विशिष्ट पहचान को दर्शाती है?
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